किसान एकता संघ की मासिक बैठक में समस्याओं पर हुई चर्चा

बरेली । किसान एकता संघ की मासिक बैठक उपजा प्रेस क्लब में संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता एम पी सिंह ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता डॉ रवि नागर ने कहा कि राम गंगा बैराज के निर्माण को प्रारंभ हुई लगभग 10 साल हो गए हैं। किंतु सरकार की उदासीनता के कारण निर्माण आज तक पूरा नहीं हुआ। अगर इसका निर्माण पूरा हो जाता है तो बरेली ही नहीं बदायूं तक के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। जिससे किसान संपन्न होगा। किंतु बरेली सिंचाई विभाग के अधिकारियों की भ्रष्टता एवं सरकार की उदासीनता का परिणाम है की बजट का बार-बार पुनः निर्धारण के पश्चात आज तक बैराज अधूरा पड़ा।

जिसको लेकर आज बैठक मैं निर्णय लिया गया की जन जागरण एक बड़ा बैराज के निर्माण के लिए किसान एकता संघ शीघ्र ही बड़ा आंदोलन करेगा और इसका निर्माण करा कर ही दम लेगा। राष्ट्रीय सचिव यज्ञ प्रकाश गंगवार ने कहा कि पर्यावरण के लिए भी किसानों को आगे आना पड़ेगा। प्रत्येक पदाधिकारी को कम से कम दो-दो पौधे रोपित करने होंगे और बड़े होने तक उनकी देखभाल भी करनी होगी। युवा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश शर्मा ने संगठन के विस्तार पर जोर देखते हुए कहा कि प्रत्येक पदाधिकारी को अपने गांव में संगठन का विस्तार करना होगा तभी संगठन गांव तक मजबूत होगा। प्रदेश महासचिव डॉ हरिओम राठौर ने फरीदपुर तहसील में किसानों के काम नहीं किए जाने को लेकर कहा कि किसान एकता संघ को फरीदपुर तहसील में अधिक सक्रियता बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला फिर पोस्ट की अध्यक्ष ममता मोर्य ने कहां की किसान के बगैर राष्ट्र के विकास की उम्मीद करना बेकार है। इसलिए सरकार को चाहिए की किसान को मजबूत करें। युवा के मंडल अध्यक्ष जयसिंह यादव ने कहा कि आंवला में तहसील के कर्मचारियों विशेष कर लेखपाल किसानों का बहुत शोषण करते हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामपाल गुर्जर,यशवीर सिंह यादव, जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ माधुरी द्विवेदी,शकुंतला देवी, जिला महासचिव अवधेश गुर्जर,खेतल सिंह गुर्जर,धर्मेंद्र सिंह, डॉ अंशु भारती, शिवम दुबे,घनश्याम सिंह, नरेश पाल सिंह यादव, पप्पू गुर्जर, रोशन लाल फौजी, अवधेश गुर्जर, वीर बहादुर सिंह, दीपचंद, लखपत सिंह राजेंद्र तिवारी, तुलसी देवी उमेश गंगवार मंजू कश्यप जंगी सिंह राम भरोसे लालाराम गुर्जर आदि बड़ी संख्या में किसान एकता संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।