बदायूँ। परिजनों का कहना है कि चेयरमैन के जेठ ही रुदायन में उनका सारा काम करते हैं। उनके जेठों में मुरली मनोहर गुप्ता वाल्मीकि समाज के अत्याचारों में अपनी पूरी भूमिका निभा रहे हैं। अजय कुमार गुप्ता उर्फ अक्षय कुमार गुप्ता ही सारा सफाई कर्मचारियों का काम देखते हैं। अजय कुमार गुप्ता शराब पीने के आदी हैं व सफाई कर्मचारियों पर आए दिन किसी न किसी तरीके से उत्पीड़न करते रहते हैं। सुशील कुमार बताते हैं कि मेरे पिताजी कालीचरन कभी 18 सालों से उनके कार्यों को लेकर किसी भी प्रकार की इतनी शिकायत नहीं थी। वर्तमान में चेयरपर्सन सीमा चौधरी के जेठ अजय कुमार गुप्ता अकसर पिताजी को डराते हुए कहते थे कि तेरी परिवार ने ही बस हमें वोट नहीं दिया इसीलिए तू हमारे ही सिर्फ निजी काम करेगा। चेयरमैन साहिबा के जेठ होने पर ये सब बर्दाश करते रहें। तथा कई बार अजय गुप्ता ने इनके साथ बदमीजी और गाली गालोच कर दी थी। जिसको लेकर पहले भी सभी सफाई कर्मचारियों ने इनके विरुद्ध धरना भी दिया था। उस समय इनके भाई मुरली मनोहर गुप्ता ने मामले को संभाल लिया था और हड़ताल खत्म करा दी थी। अब उसी बदले की भावना से ईओ ने पिताजी को बर्खास्त कर दिया है। जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती तब तक अनशन जारी रहेगा। इस मौके पर सुनील कुमार (दिव्यांग) अनिल कुमार, शोभित (दिव्यांग) बंटी (दिव्यांग) सफाई कर्मी कालीचरन आदि लोग मौजूद रहे।