पीलीभीत। बीते 24 घंटे पीलीभीत जिले पर भारी रहे। रविवार दोपहर से सोमवार दोपहर तक जिले में छोटे-बड़े करीब 23 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 10 लोगों की जान चली गई। वहीं 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। दुर्घटनाओं का सिलसिला बीसलपुर-पीलीभीत हाईवे पर हुए हादसे के बाद से शुरू हुआ। इसके बाद पूरनपुर मार्ग, माधोटांडा, बीसलपुर, दियोरिया, टनकपुर हाईवे पर हादसे हुए। बीसलपुर मार्ग पर कंटेनर से टकराकर तीन महिलाओं की मौत हो गई थी। शाम के समय माधोटांडा के गांव लक्ष्मीपुर निवासी युवक की मौत भी सड़क हादसे में हुई। दियोरिया के जूनियर हाईस्कूल के पास हुए हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई तो गजरौला थाना क्षेत्र में बिठौरा कलां के पास हुए हादसे में दो युवकों की जान चली गई। इसी प्रकार थाना सुनगढ़ी, माधोटांडा, बीसलपुर, न्यूरिया, गजरौला और बरखेड़ा समेत कई अन्य थाना क्षेत्रों में हादसे हुए। इस तरह जिले में एक के बाद एक हुईं मार्ग दुर्घटनाओं में 10 लोगों की जान चली गई। बीते 24 घंटों से लगातार हो रहे हादसों से मृतकों और घायलों के घरों में मातम का माहौल है। जिला अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक चीख-पुकार मची है। हर जगह सिर्फ रोने-बिलखने की आवाज ही सुनाई दे रही है। सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे सामान्य बीमारियों के मरीजों की आंखें भी अस्पताल का मंजर देखकर भर आईं। इस समय अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड फुल है। घायलों को दूसरे वार्ड में भर्ती किया गया है। एक के बाद एक हादसों में मृतकों के शव मोर्चरी और पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए तो यहां भी जगह नहीं बची। आलम यह हो गया कि मोर्चरी व पोस्टमार्टम पर जगह न मिल पाने पर एक शव आपातकालीन कक्ष के बाहर मरहम कक्ष में रखा गया। सोमवार को शव पोस्टमार्टम को ले जाया गया।दुपहिया वाहन चालक हेलमेट लगाएं। वाहन को तेज रफ्तार से न दौड़ाएं। मोड़ पर वाहनों की रफ्तार कम रखें। कार में सीट बेल्ट का प्रयोग करें। शराब पीकर वाहन न चलाएं। यातायात नियमों का पालन करें। एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। हादसों पर अंकुश लगाने के तमाम प्रयास किए जा रहे है। चालक वाहन का संचालन करते समय नियमों का हर हाल में पालन करें।