विटामिन-बी12 की कमी से बीमारियों की भी वजह

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शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जिन विटामिन्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है विटामिन बी-12 भी उन्हीं में से एक है। विटामिन B12 शरीर में नेचुरल तरीके से नहीं बनता। यह खाने-पीने की चीजों से ही मिलता है। यह विटामिन रेड ब्लड सेल्स और डीएनए के बनने के लिए जरूरी होता है। विटामिन बी-12 का ब्रेन और नर्व सेल्स के डेवलपमेंट में बहुत अहम रोल होता है। मतलब ये विटामिन हमारी फिजिकल और मेंटल दोनों ही हेल्थ के लिए जरूरी है। बढ़ती उम्र में इसकी कमी के चलते डिमेंशिया की प्रॉब्लम हो सकती है और सिर्फ बड़े ही नहीं बच्चे भी इसकी कमी का शिकार हो सकते हैं। अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया, मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं हैं। 60 साल की उम्र आते-आते पुरुषों से लेकर महिलाओं तक में इन दोनों बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी में सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ विटामिन्स की कमी के चलते भी डिमेंशिया होने की संभावना बनी रहती है। जिनमें से एक है विटामिन बी-12 डिमेंशिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें बढ़ती उम्र के साथ लोगों को भूलने की प्रॉब्लम होने लगती है। इसकी एक बड़ी वजह होती है शरीर में विटामिन बी12 की कमी। जिसका सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है। डिमेंशिया बीमारी में व्यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। शरीर में विटामिन बी-12 की कमी के चलते हड्डियों व जोड़ों में दर्द की समस्या भी हो सकती है। इसकी वजह से कमर व पीठ में भी लगातार दर्द रह सकता है। विटामिन बी-12 की कमी का असर गर्भवती महिलाओं में भी देखने को मिलता है। इससे होने वाले बच्चे के विकास और प्रेग्नेंसी के दौरान कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ जातेे हैं। वैसे इसकी कमी के चलते कंसीव करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शरीर में विटामिन बी12 की कमी से स्किन से जुड़ी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। इसकी कमी से बाल भी बहुत तेजी से झड़ते हैं।  शरीर में विटामिन बी-12 की कमी से होने पर एनीमिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। विटामिन बी-12 की कमी होने पर रेड ब्लड सेल्स का सही से निर्माण नहीं हो पाता। ऐसे में हीमोग्लोबिन कम होने लगता है और एनीमिया होने के पूरे-पूरे चांसेज रहते हैं। विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए अपनी डाइट में दूध, पनीर और अन्य डेयरी प्रोडक्ट की मात्रा बढ़ाएं। अगर आप नॉन वेजिटेरियन हैं, तो अंडा और मीट खासतौर से डाइट में शामिल करें। वैसे डॉक्टर की सलाह पर इस विटामिन के सप्लीमेंट भी ले जा सकते हैं। 

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