सड़क सुरक्षा व नारी सशक्तिकरण को लेकर बाबा इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों को किया जागरूक

बाबा इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने कोतवाल अशोक कुमार सिंह के साथ देववाणी चौराहे पर पहुँचकर यातायात के नियमों का उलंघन कर रहे चालकों एवं राहगीरों को पुष्प देकर यातायात के नियमों का पालन करने की दी सलाह
बिल्सी: नगर के बाबा इंटरनेशनल स्कूल में सड़क सुरक्षा के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे कोतवाल अशोक कुमार ने विद्यालय के कक्षा 9 से 12 के छात्र/छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी यातायात नियमों का कठोरता से पालन करने के लिए कहा गया, जिसमें हेलमेट का प्रयोग, वाहन की निर्धारित गति, सीट बेल्ट बांधना, ड्राइविंग लाइसेंस होना, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करना, यातायात नियमों का पालन करना, 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन चलाते समय वाहन के कागजात साथ में रखने, आपातकालीन स्थिति में निपटने तथा बालवाहिनी बस के नियमों के अनुसार बसों का संचालन करना जैसी कई आवश्यक जानकारी दी तथा सभी को अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझने के लिए भी कहा गया। साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा महिला अपराध से जुड़े कानूनी प्राविधान, पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के लिए चलाई जा रही सेवाओं डायल-100, विमन पावर लाइन-1090, एंटी रोमियो स्क्वायड आदि के साथ सेफ्टी टिप्स के बारे में भी जानकारी दी और सभी से मोटर दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दर को रोकने/कम करने के लिए वचनबद्ध किया।
ततपश्चात बाबा इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने कोतवाल अशोक कुमार सिंह के साथ देववाणी चौराहे पर पहुँचकर यातायात के नियमों का उलंघन कर रहे चालकों एवं राहगीरों को पुष्प देकर यातायात के नियमों का पालन करने की सलाह दी और बताया कि हमारे देश में सबसे ज्यादा मृत्यु दुर्घटना के कारण होती हैं हमें बिना हैलमेट एवं शीट बैल्ट लगाये यात्रा नहीं करनी चाहिए वहाँ उपस्थित राहगीरों ने बच्चों का उत्साह वर्धन करते हुए सराहना की।
विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय ने कहा कि हमें अपने जीवन में यातायात नियमों को अनदेखा नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह हम बच्चों को बड़ों का आदर करना सीखाते हैं, उसी तरह हमें बच्चों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का आदर करना सीखाना चाहिए। जब हम अपने बच्चों के संस्कारों में यातायात नियमों का पालन करना शामिल करेंगे तभी उनका भविष्य सुरक्षित हो सकता है।
प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने कहा कि बच्चे कच्ची मिटटी की तरह होते हैं। अगर अभी से वे सड़क सुरक्षा के अनुशासन में ढलेंगे तो बड़े होकर सुरक्षित ड्राइविंग करेंगे और समाज व अपने अभिभावकों के लिए रोड सेफ्टी एम्बेसडर के रूप में जन जन तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचा सकते हैं। उन्होंने छात्रों को सड़क पर चलते समय आवश्यक नियमों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियमों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
