बरेली: दिवाली रोशनी और खुशियों का त्योहार है। घरों की सजावट से लेकर दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों की जगमगाहट तक, इस त्योहार की खूबसूरती का आनंद हमारी आंखों से ही जुड़ा है। ऐसे में आंखों की सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कई बार लोग नजर में परेशानी होने पर ही आंखों की जांच कराते हैं, जबकि ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारियां शुरुआती दौर में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रो. डॉ. महिपाल सिंह सचदेव ने बताया, “दिवाली के दौरान आंखों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पटाखों का धुआं और धूल आंखों में जलन और एलर्जी की परेशानी बढ़ा सकते हैं। वहीं, त्योहारों में इस्तेमाल होने वाला मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस भी सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए आंखों की नियमित जांच कराना जरूरी है, खासकर डायबिटीज से पीड़ित लोगों को इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।”
आंखों की सेहत पर रोजमर्रा की आदतों का भी असर पड़ता है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर और टीवी की स्क्रीन को लंबे समय तक देखने से आंखों में थकान और सूखापन हो सकता है। बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाना, बार-बार पलकें झपकाना और स्क्रीन को उचित दूरी पर रखना फायदेमंद है। त्योहारों के दौरान देर रात तक जागने और व्यस्त दिनचर्या के बीच पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है।
आंखों की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। बिना हाथ धोए आंखों को छूने, मेकअप का सामान दूसरों के साथ साझा करने या एक्सपायर हो चुके कॉस्मेटिक सामानों का इस्तेमाल करने से जलन और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। सोने से पहले आंखों का मेकअप हटा देना चाहिए। कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों को उनकी सफाई और इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों का पालन करना चाहिए। आंखों में परेशानी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
आंखों में लालिमा, दर्द, लगातार पानी आना या नजर में बदलाव होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार लोग घरेलू नुस्खे अपनाते रहते हैं या इस उम्मीद में डॉक्टर के पास जाने में देर कर देते हैं कि परेशानी अपने आप ठीक हो जाएगी। हालांकि, अचानक नजर धुंधली होना या चली जाना, तेज दर्द अथवा आंख में चोट लगना गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के साथ-साथ पहले से आंखों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को नियमित जांच का विशेष ध्यान रखना चाहिए। डायबिटीज के कारण आंखों के पर्दे यानी रेटिना की नसों को नुकसान पहुंच सकता है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण भी दिखाई नहीं देते। डॉक्टर की सलाह के अनुसार आंखों की जांच कराना और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रण में रखना नजर से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा कम करने में मदद कर सकता है।
दिवाली पर घरों को रोशन करने के साथ-साथ अपनी आंखों की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। नियमित जांच, साफ-सफाई और समय पर डॉक्टर की सलाह से आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है, ताकि हम त्योहार की रौनक के साथ-साथ जिंदगी के हर खूबसूरत नजारे का आनंद ले सकें।
रोशनी के इस त्योहार पर अपनी आंखों की सेहत का भी रखें ध्यान

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