स्पेन/मैड्रिड। स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर से भीषण रेल हादसा हो गया। टोलेडो प्रांत में उर्दा के निकट हुए इस हादसे में कम से कम 50 लोगों की मौत और 179 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। स्पेनिश मीडिया की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, घायलों में कई की हालत गंभीर बताई गई है। हालांकि, अलग-अलग समाचार स्रोतों में मृतकों और घायलों के आंकड़ों में अंतर है और अंतिम आधिकारिक संख्या की पुष्टि होना बाकी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 8:54 बजे मैड्रिड-सेविल हाईस्पीड रेल मार्ग पर हुआ। यहां रेन्फे (Renfe) की एवीई ट्रेन ने आगे पटरी पर रुकी हुई इर्यो (Iryo) ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई डिब्बे पटरी से उतर गए और कुछ डिब्बे रेल लाइन के किनारे ढलान में जा गिरे। दुर्घटनास्थल पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
दोनों ट्रेनों में सवार थे 544 यात्री
रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त दोनों ट्रेनों में कुल लगभग 544 यात्री सवार थे। रेन्फे की एवीई ट्रेन में 397 यात्री, जबकि इर्यो ट्रेन में 147 यात्री सवार बताए गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी, पुलिस, नागरिक सुरक्षा दल और चिकित्सा टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाने के साथ ही क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे यात्रियों की तलाश की गई।
रेल यातायात ठप, जांच के घेरे में सिग्नलिंग व्यवस्था
हादसे के बाद स्पेन के रेल अवसंरचना संचालक एडिफ (Adif) ने मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच हाईस्पीड रेल परिचालन निलंबित कर दिया। इससे इस मार्ग पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में रेल सिग्नलिंग प्रणाली में तकनीकी खराबी और संभावित मानवीय चूक की आशंका जताई गई है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद गंभीर रेल दुर्घटना बताया। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराना, लापता यात्रियों का पता लगाना और दुर्घटना के कारणों का पता लगाना है। बचाव अभियान और जांच के आगे बढ़ने के साथ हताहतों के आंकड़ों में बदलाव की आशंका बनी हुई है।


























































































