नई दिल्ली/मुंबई। आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें आगामी परामर्श बैठकों पर टिकी हैं। आयोग की बैठकें 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसी बीच, कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने तथा न्यूनतम मूल वेतन में बड़ी वृद्धि करने की मांग उठाई जा रही है। इन मांगों में सबसे अधिक चर्चा 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 69 हजार रुपये न्यूनतम मूल वेतन के प्रस्ताव को लेकर है।
यदि 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग स्वीकार कर ली जाती है, तो सातवें वेतन आयोग के तहत 18 हजार रुपये मूल वेतन पाने वाले लेवल-1 के केंद्रीय कर्मचारी का नया मूल वेतन गणना के आधार पर लगभग 68,994 रुपये हो सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 69 हजार रुपये वेतन अभी तय नहीं हुआ है। यह कर्मचारी संगठनों की मांग पर आधारित एक संभावित गणना है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही नए वेतन की वास्तविक तस्वीर साफ होगी।
कई संगठनों ने रखे अलग-अलग प्रस्ताव आठवें वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारी संगठनों ने अपनी-अपनी मांगें और सुझाव रखे हैं। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने और न्यूनतम मूल वेतन 69 हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने भी 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO) और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) की ओर से भी न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी से जुड़े सुझाव दिए गए हैं।
वहीं, इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने कर्मचारियों के विभिन्न स्तरों के लिए 2.92, 3.50, 3.80, 4.09 और 4.38 जैसे अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के विकल्प सुझाए हैं। दिल्ली सरकार के स्कूल शिक्षकों के प्रस्ताव में 2.62 फिटमेंट फैक्टर और 47,210 रुपये न्यूनतम वेतन का उल्लेख है, जबकि चेन्नई जीपीओ के पेंशनभोगियों की ओर से 3.77 फिटमेंट फैक्टर तथा 68 हजार रुपये न्यूनतम वेतन का सुझाव दिया गया है।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिसका इस्तेमाल पुराने मूल वेतन के आधार पर नए मूल वेतन की संभावित गणना करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मौजूदा मूल वेतन 18 हजार रुपये है और 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो 18,000 को 3.833 से गुणा करने पर 68,994 रुपये प्राप्त होते हैं। इसी आधार पर लेवल-1 के कर्मचारी का मूल वेतन लगभग 69 हजार रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
हालांकि, केवल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर वास्तविक वेतन वृद्धि का अंतिम अनुमान नहीं लगाया जा सकता। नए वेतनमान में वेतन संरचना, वेतन निर्धारण के नियम और अन्य संबंधित प्रावधान भी महत्वपूर्ण होंगे।
अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर कितना हो सकता है मूल वेतन?
सातवें वेतन आयोग के मौजूदा मूल वेतन और प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लेवल-1 से लेवल-5 तक के कर्मचारियों के संभावित मूल वेतन की गणना इस प्रकार है।
यदि 2.62 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो लेवल-1 का मूल वेतन 18 हजार से बढ़कर 47,160 रुपये, लेवल-2 का 19,900 से बढ़कर 52,138 रुपये, लेवल-3 का 21,700 से बढ़कर 56,854 रुपये, लेवल-4 का 25,500 से बढ़कर 66,810 रुपये और लेवल-5 का 29,200 से बढ़कर 76,504 रुपये हो सकता है।
यदि 3 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो इन स्तरों का संभावित मूल वेतन क्रमशः 54 हजार, 59,700, 65,100, 76,500 और 87,600 रुपये होगा।
इसी तरह, 3.50 फिटमेंट फैक्टर पर लेवल-1 से लेवल-5 तक मूल वेतन क्रमशः 63 हजार, 69,650, 75,950, 89,250 और 1,02,200 रुपये हो सकता है। वहीं, 3.833 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर यह रकम क्रमशः लगभग 68,994, 76,277, 83,176, 97,742 और 1,11,924 रुपये बैठती है।
यदि 4 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो लेवल-1 का मूल वेतन 72 हजार रुपये, लेवल-2 का 79,600 रुपये, लेवल-3 का 86,800 रुपये, लेवल-4 का 1,02,000 रुपये और लेवल-5 का 1,16,800 रुपये हो सकता है।
अभी अंतिम फैसले का इंतजार
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उपरोक्त सभी आंकड़े मौजूदा मूल वेतन को अलग-अलग प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके निकाले गए अनुमान हैं। इनमें महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं शामिल नहीं हैं। इसलिए इन आंकड़ों को कर्मचारियों की अंतिम या हाथ में मिलने वाली सैलरी नहीं माना जाना चाहिए।
आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन, पेंशन तथा भत्तों में संभावित बदलाव को लेकर उम्मीदें हैं। हालांकि, 69 हजार रुपये न्यूनतम मूल वेतन या किसी विशेष फिटमेंट फैक्टर को लागू करने की अभी अंतिम सरकारी मंजूरी नहीं मानी जा सकती। वास्तविक लाभ आयोग की सिफारिशों, स्वीकार किए गए वेतन निर्धारण के नियमों और सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
8वें वेतन आयोग की मुंबई में 22-23 अक्टूबर को बैठक, लेवल-1 की बेसिक सैलरी 18 हजार से बढ़कर 69 हजार रुपये होने की संभावना!

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