बदायूं। विजय दशमी के अवसर पर महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट एवं क्षत्रिय महासभा बदायूं के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत को समर्पित शस्त्र पूजन समारोह सह दशहरा सभा का आयोजन स्काउट भवन में किया गया। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन के साथ बुराई के विनाश, राष्ट्र रक्षा और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान प्रसिद्ध भारतीय निशानेबाज जसपाल राणा और लोकप्रिय नेता उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों और प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य प्रताप सिंह और रुप किशोर सिंह द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ संपन्न कराने तथा शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों और उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण किया। स्काउट भवन से महाराणा प्रताप चौक तक राष्ट्र रक्षा संकल्प मार्च निकाला गया। पुष्पों से सुसज्जित महाराणा प्रताप चौक पर पहुंचकर अतिथियों, ट्रस्ट एवं महासभा के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने राष्ट्र नायक महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में अतिथियों का तिलक लगाकर, रक्षा सूत्र बांधकर, बैज और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्षत्रिय महासभा बदायूं के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम हम सभी की आस्था के केंद्र हैं। उनके जीवन से बुराई के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही उनका चरित्र समाज के सभी वर्गों के प्रति समरसता और सम्मान का भाव विकसित करता है। मुख्य अतिथि पूर्व राज्य मंत्री एवं नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रभु श्रीराम की पूजा केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में होती है। यह हमारा सौभाग्य है कि हमने उस पवित्र भूमि पर जन्म लिया, जहां भगवान राम का अवतार हुआ। रामायण के प्रत्येक चरित्र से समाज को शिक्षा मिलती है। निषादराज, केवट, माता शबरी, वनवासी और आदिवासी पात्र सामाजिक समरसता, प्रेम और समानता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन की सार्थकता तभी है, जब हम भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह ‘बब्बू भैया’ ने कहा कि भगवान राम ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर और सभी को सम्मान देकर जन-जन के आराध्य का स्थान प्राप्त किया। उन्हें किसी जाति या समाज की सीमा में नहीं बांधा जा सकता। समाज को उनके चरित्र से प्रेरणा लेते हुए शस्त्र और शास्त्र दोनों पर समान अधिकार के लिए प्रयास करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि डॉ. वीरेश कुमार सिंह ने कहा कि इतिहास में इक्ष्वाकु वंश की गौरवगाथा महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह भारतभूमि का सौभाग्य है कि यहां भगवान ने विभिन्न युगों में अवतार लेकर मानवता को धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया।
समारोह में महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट, राणा प्रताप सिंह, शिवम सिंह, विजय पाल सिंह भदौरिया, मुनीश कुमार सिंह, जगपाल सिंह, गोपाली सिंह, कृपाल सिंह, राम प्रताप सिंह और राजेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर धनपाल सिंह, टीकम सिंह, उमेश कुमार सिंह, महीपाल सिंह तोमर, अखिलेश चौहान, दिनेश सिंह एडवोकेट, सूरज पाल सिंह सोलंकी, वेद पाल सिंह, सुरेश सिंह, आर्येंद्र पाल सिंह, सतेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, सुमित कुमार सिंह, गौरव तोमर, धर्मेंद्र सिंह, सोमवीर सिंह, अरविंद सिंह, प्रेमपाल सिंह, कृष्णपाल सिंह, राजीव कुमार सिंह, राजकुमार सिंह, सत्यवीर सिंह चौहान, अरविंद सिंह परमार एडवोकेट, रवि प्रताप सिंह, अमृतपाल सिंह, देवी सिंह देवरा, श्यामपाल सिंह, दीपक चौहान, प्रदीप ठाकुर, शोभित तोमर, रिद्धि प्रताप सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, अंकित सिंह, भवेश प्रताप सिंह, गिरीश पाल सिंह सिसौदिया, हरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह और तेज प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। क्षत्रिय युवा सभा, क्षत्रिय महिला सभा, क्षत्रिय सैनिक सभा, क्षत्रिय अधिवक्ता सभा, क्षत्रिय दिव्यांग सभा, क्षत्रिय शिक्षक सभा और क्षत्रिय व्यापार सभा के पदाधिकारियों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कवि भूराज सिंह ने किया।
विजय दशमी पर महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट एवं क्षत्रिय महासभा का शस्त्र पूजन समारोह हुआ

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