मुख्य समाचार पर जाएँ
Wednesday, 7 October 2026
SKS24NEWSNational Hindi Digital News Networkख़बर वही, जो सच बताए!
देश की आवाज़स्थानीय खबरें · राजनीति · शिक्षा · खेल
⛈️ 22.7 °C गरज के साथ बारिश · बदायूँ
🥇 सोना ₹1,51,950.00 / 10 ग्राम
🥈 चांदी ₹2,35000/ किलो
सुर्खियाँ
Uttar Pradesh

भाजपा की राज्यसभा सूची में सोशल इंजीनियरिंग का दांव, बरेली की झोली फिर भरी; बदायूं खाली

October 5, 2026By admin0 comments
👁 10.4K views
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
previous arrow
next arrow

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित कर एक साथ कई सियासी संदेश दे दिए हैं।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-12-28at122820
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at122213
previous arrow
next arrow

पार्टी की सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के साथ संगठनात्मक सक्रियता को भी प्रमुखता मिली है। भाजपा ने योगी सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह लोधी, वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ दलित नेता विद्यासागर सोनकर, संगठनकर्ता गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान और बरेली की श्रुति गंगवार को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। प्रमुख मीडिया रिपोर्टों में भी इस सूची को जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ 2027 की तैयारी से जोड़कर देखा गया है। भाजपा के आठ नामों में तीन ओबीसी, दो दलित और तीन सामान्य वर्ग के चेहरे बताए जा रहे हैं। धर्मपाल सिंह लोधी आंवला विधानसभा क्षेत्र से विधायक और योगी सरकार में पशुधन मंत्री हैं। वहीं प्रकाश पाल वर्तमान में भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। विद्यासागर सोनकर जौनपुर के प्रमुख दलित चेहरों में शामिल हैं और पूर्व में लोकसभा सांसद, विधान परिषद सदस्य तथा प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय के जरिए ब्राह्मण प्रतिनिधित्व तथा राम प्रताप सिंह चौहान के जरिए ठाकुर समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है। राम प्रताप सिंह चौहान 2017 से 2022 तक आगरा की एत्मादपुर सीट से विधायक रहे और वर्तमान में भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी हैं। प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से पूर्व सांसद हैं और भाजपा के प्रमुख दलित महिला चेहरों में गिनी जाती हैं।

बरेली की झोली फिर भरी, रुहेलखंड को दो चेहरे

राज्यसभा सूची का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संदेश रुहेलखंड से निकलता दिखाई दे रहा है। बरेली से धर्मपाल सिंह लोधी और श्रुति गंगवार—दो नामों को राज्यसभा के लिए चुना गया है। श्रुति गंगवार बरेली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन और सामाजिक कार्यकर्ता हैं तथा आईआईटी ग्रेजुएट हैं। वह वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं। उनके चयन को महिला प्रतिनिधित्व, कुर्मी समाज और बरेली-रुहेलखंड के क्षेत्रीय समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। धर्मपाल सिंह लोधी के चयन के साथ बरेली मंडल को दूसरा बड़ा प्रतिनिधित्व मिला है। अमर उजाला और जागरण की रिपोर्टों ने भी बरेली से दो प्रत्याशियों के चयन को क्षेत्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना है।
बदायूं के हिस्से में फिर निराशा राज्यसभा की इस सूची ने बदायूं की राजनीति में भी चर्चा तेज कर दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा का नाम इस बार भाजपा की सूची में नहीं है। उनका वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। लाइव हिन्दुस्तान और अन्य रिपोर्टों के अनुसार उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया है। खास बात यह है कि उम्मीदवारों की घोषणा से पहले भाजपा के संभावित पैनल में बदायूं से जुड़े दो प्रमुख नाम—पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र एवं एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया तथा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य—भी शामिल बताए गए थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यूपी भाजपा ने आठ सीटों के लिए तीन-तीन नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था, जिसमें राजवीर सिंह और दुर्विजय शाक्य के नाम शामिल थे। लेकिन अंतिम सूची में दोनों को जगह नहीं मिली। इस तरह राज्यसभा के टिकट की दौड़ में बदायूं से जुड़े तीन प्रमुख दावेदारों—बीएल वर्मा, राजवीर सिंह राजू भैया और दुर्विजय सिंह शाक्य—के हाथ फिलहाल खाली रह गए हैं। हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इन नेताओं की राजनीतिक भूमिका समाप्त हो गई है; भाजपा के आगामी संगठनात्मक और मंत्रिमंडलीय फैसलों पर भी नजर रहेगी। 2027 से पहले भाजपा का साफ संदेश राज्यसभा के इन चेहरों से भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने सामाजिक गठजोड़ को मजबूत करने का प्रयास किया है। गैर-यादव ओबीसी वर्ग के लिए धर्मपाल सिंह और प्रकाश पाल, दलित समाज के लिए विद्यासागर सोनकर और प्रियंका सिंह रावत, ब्राह्मण समाज के लिए राधाकांत ओझा व गोपी कृष्ण पांडेय, ठाकुर समाज के लिए राम प्रताप सिंह चौहान तथा महिला एवं कुर्मी प्रतिनिधित्व के लिए श्रुति गंगवार को आगे किया गया है। जागरण ने भी इसे सामाजिक संतुलन और 2027 की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति के रूप में रेखांकित किया है।
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा आठ प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी सात सीटों पर मजबूत स्थिति में है, जबकि आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। मतदान 16 अक्टूबर को होना है।
कुल मिलाकर भाजपा की सूची में बरेली-रुहेलखंड को दोहरी हिस्सेदारी मिली है, जबकि बदायूं इस बार राज्यसभा की तस्वीर से बाहर रह गया। यही कारण है कि राजनीतिक गलियारों में एक तरफ “बरेली की झोली फिर भरी” की चर्चा है तो दूसरी ओर बदायूं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow

यह भी पढ़ें

Home
Live TV
VIDEO NEWS
+ Create
Verified by MonsterInsights