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Uttar Pradesh

आईईपी के लक्ष्य निर्धारण और समीक्षा की तकनीकें सीखीं

October 5, 2026By admin0 comments
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बरेली। जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान में आयोजित सतत् पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम के अंतिम दिन विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए वैयक्तिकृत शिक्षा कार्यक्रम (आईईपी) के लक्ष्य निर्धारण, क्रियान्वयन और समीक्षा की तकनीकों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।

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कार्यक्रम में बरेली मंडल के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों से आए पुनर्वास पेशेवरों और विशेष शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
संस्थान के अध्यक्ष एवं निदेशक इग्नू प्रोफेसर (डॉ.) अमिताव मिश्रा ने प्रथम सत्र में आईईपी के लिए शिक्षण-अधिगम सामग्री और प्रभावी निर्देशात्मक रणनीतियों की जानकारी दी। उन्होंने दृश्य-श्रव्य, स्पर्शात्मक, गतिविधि आधारित और डिजिटल टीएलएम के साथ विभाजन रणनीति, बहुसंवेदी उपागम, अनुकूलन एवं संशोधन, सकारात्मक सुदृढ़ीकरण तथा सहकर्मी शिक्षण जैसी तकनीकों पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में संस्थान की सीआरई समन्वयक पल्लवी सिंह ने आईईपी के SMART Goals के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट लक्ष्य स्पष्ट, मापने योग्य, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक और समयबद्ध होते हैं, जो बच्चों की शैक्षणिक एवं विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने में सहायक हैं। डीएड. विशेष शिक्षा के समन्वयक सीकन कुमार सामन्तराय ने आईईपी बैठक, परिवार की भागीदारी और परिवर्तन योजना के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन प्रक्रियाओं के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा और भविष्य की तैयारी को बेहतर बनाया जा सकता है। अंतिम सत्र में पुनर्वास विशेषज्ञ वरुण कुमार शंकर ने आईईपी के तहत बच्चों की प्रगति की निगरानी और डेटा संग्रह की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि बच्चा निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में कितना आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर निदेशिका शाश्वती नन्दा ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में मिली जानकारी को व्यवहार में लागू करने का संकल्प लिया और दिसंबर में प्रस्तावित अगले सीआरई कार्यक्रम में पुनः शामिल होने की सहमति जताई।

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