बदायूं। श्री लिंगेश्वर महादेव मंदिर स्वर्णकार रस्तोगी धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान कथा स्थल पर भगवान के जन्म की सुंदर झांकियां सजाई गईं और भक्तों ने भजन-कीर्तन के बीच जमकर उत्सव मनाया। श्री लक्ष्मी नरसिंह धाम मंदिर, बदायूं से पधारे कथा व्यास आचार्य श्याम मिलन शास्त्री ने भगवान श्रीराम के अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि जब महाराज दशरथ वृद्धावस्था की ओर बढ़ रहे थे और पृथ्वी पर अत्याचार एवं अधर्म बढ़ रहा था, तब धर्म की स्थापना तथा संत-मुनियों के कल्याण के लिए भगवान श्रीराम ने महाराज दशरथ के घर अवतार लिया। भगवान श्रीराम ने चार अंशों के रूप में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के रूप में जन्म लिया। इसके बाद कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मथुरा के राजा कंस ने अपनी बहन देवकी का विवाह महाराज वसुदेव के साथ किया था। विवाह के बाद जब कंस देवकी को विदा करके ले जा रहा था, तभी आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र ही कंस का काल बनेगा। आकाशवाणी सुनकर कंस ने देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया तथा देवकी के छह पुत्रों की हत्या कर दी। कथा व्यास ने बताया कि इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कारागार में अवतार लिया। वसुदेव जी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर यमुना पार करते हुए गोकुल पहुंचे और नंद बाबा के यहां उन्हें छोड़कर वहां से माया रूपी कन्या को लेकर वापस कारागार आ गए। कंस ने जब उस कन्या को मारने का प्रयास किया तो वह उसके हाथ से छूटकर आकाश में चली गई और उसने कंस को बताया कि उसका संहार करने वाला ब्रज में पहुंच चुका है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनते ही कथा स्थल जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर झांकी के दर्शन किए और जन्मोत्सव की खुशी में भक्ति भाव से उत्सव मनाया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचारों का अंत करने, माता देवकी और वसुदेव को कारागार से मुक्त कराने तथा धर्म की स्थापना के लिए अवतार लिया। कथा के दौरान परीक्षित के रूप में श्री रितेश रस्तोगी, सरिता रस्तोगी सहित उनके परिवार के सदस्य मौजूद रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लिया।
बदायूँ में श्रीमदभागवत कथा में श्रद्धाभाव के साथ धूमधाम से मनाया राम-कृष्ण जन्मोत्सव

6.4K views

























































































