बरेली। दूरदर्शन केंद्र के पास स्थित शांतिकुंज पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज में चल रही रासलीला के अंतिम दिन मीराबाई की कृष्ण भक्ति और उनके माधुर्य भाव की परम पराकाष्ठा का भावपूर्ण मंचन किया गया। श्री वृंदावन धाम से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को कृष्ण प्रेम और भक्ति की भावधारा में सराबोर कर दिया।
लीला में दिखाया गया कि मीराबाई ने भगवान श्रीकृष्ण को केवल अपना पति या आराध्य ही नहीं, बल्कि अपना सर्वस्व माना। उन्होंने सांसारिक बंधनों और पारिवारिक मर्यादाओं की परवाह किए बिना कृष्ण के प्रति अपनी एकनिष्ठ भक्ति को कायम रखा। उनकी भक्ति में प्रेम की तड़प, विरह की वेदना और एकांतिक अनुराग की झलक दिखाई गई।
मीराबाई ठाकुर जी की महिमा में तल्लीन होकर स्व-रचित प्रेम एवं विरह से ओतप्रोत भजनों का गायन करती थीं। उन्होंने राजसी सुख-सुविधाओं का त्याग कर संतों के साथ समय बिताया और अपना जीवन गिरधर गोपाल की भक्ति में समर्पित कर दिया। परिवार और समाज के विरोध के बावजूद उनकी कृष्ण के प्रति निष्ठा अंत तक अडिग रही।
विद्यालय प्रबंधक सुनील कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को मीराबाई की भक्ति के बारे में बताते हुए कहा कि वह प्रेमलक्षणा भक्ति मार्ग को बुद्धि और तर्क का नहीं, बल्कि भाव और समर्पण का विषय मानती थीं। उन्होंने कहा कि जब कृष्ण प्रेम हृदय में जागृत होता है और ठाकुर जी चित्त में बसते हैं, तो भक्ति स्वतः प्रगाढ़ होने लगती है।
कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष सौम्य शर्मा एवं प्रधानाचार्य राधिका चंद ने श्री वृंदावन धाम से आए कलाकारों को पटका और मोती की माला पहनाकर सम्मानित किया।
आयोजन को सफल बनाने में डॉ. रवीश अग्रवाल, दिनेश कश्यप, सुनील कुमार शर्मा, विकास वर्मा, साधना रोहतगी, आशुतोष शर्मा, महेश हरियाणा, शिप्रा वर्मा, प्रमोद कुमार, धर्मेंद्र पटेल, मानवेन्द्र सिंह, राकेश मिश्रा, विपिन कुमार, रेनू यादव, जानकी बिष्ट, बबिता, प्राची त्यागी, पुष्पांजलि, प्रियंका यादव, शिवांगी सक्सेना, देवदत्त गंगवार, साक्षी गोस्वामी, दीक्षा साख्यधर, रंजीत गोस्वामी, आरती चौहान, इशिका, अवधेश सिंह, श्रेया सिंह, केतकी शर्मा, लता वर्मा, स्वाति सिंह, अजय कुमार, श्वेता सिंह, बसंत बिष्ट, रूपेश कुमार आदि का विशेष योगदान रहा।
मीरा की कृष्ण भक्ति और विरह वेदना ने मोहा मन

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