बरेली। किला स्थित मोहल्ला फूटा दरवाज़ा में चल रहे उर्से गौसिया के तीसरे दिन की शुरुआत बाद नमाज़-ए-फ़ज्र तिलावत ए कलाम ए पाक से हुई। दिनभर अल-सय्यद मोहियुद्दीन अबू मुहम्मद अब्दुल क़ादिर अल-जीलानी अल-हसनी वल-हुसैनी गौसे पाक के अक़ीदतमंदों की ज़ियारत का सिलसिला जारी रहा। झण्डा शरीफ कमेटी के सचिव फ़राज़ मियाँ ने बताया कि मोहम्मद आसिम हुसैन क़ादरी ने गिलाफ ए गौसिया की ज़ियारत बाद नमाज़ ए जोहर मस्जिद नोमहला शरीफ़ में नमाज़ियों को करवाई इसी कड़ी में दरगाह नासिर मियाँ रहमतुल्लाह अलेह पर अकीदतमंदों ने गौस पाक के मज़ार से आई मुकद्दस चादर का दीदार किया इसके बाद गिलाफ ए गौसिया की ज़ियारत झण्डे शरीफ़ हुई इसमें बड़ी तादात में अकीदतमंद शामिल हुए और दुआए खैर मांगी। इस मौके पर मोबिन खान,शान अहमद रज़ा,सूफी वसीम नासरी साबरी,फ़िरोज़ पठान,आरिफ, नईम साबरी, दिलशाद हुसैन कल्लन,सय्यद फैसल,गुड्डु नसीम, इरफान कुरैशी आदि रहे। असर मगरिब बीच मन्नत मुरादे पूरी होने पर बच्चे दूल्हा के लिवास में सलामी के लिये हाज़िर हुए।बाद नमाज़े इशा तकरीरि महफ़िल में शहर इमाम खुर्शीद आलम ने कहा कि सय्यिदुना ग़ौस-ए-आज़म रज़ियल्लाहु अन्हु तमाम औलिया-ए-किराम के सरदार हैं, जिनका हर क़दम शरीअत और सुन्नत की पाबंदी का बेहतरीन नमूना रहा। कारी एजाज नूरी ने कहा कि आपकी तालीमात का सबसे बड़ा पैग़ाम हमेशा सच बोलना, यतीमों-मिस्कीनों की मदद करना और दिल को दुनिया के लालच से पाक रखना है।उलमा-ए-किराम ने उनकी पाकीज़ा ज़िंदगी और करामातों पर तफ़सील से रोशनी डाली।
देर रात 2:38 बजे हज़रत गौस ए आज़म के 886 वें कुल शरीफ़ की रस्म अदा की गई।
खुसूसी दुआ में ऐ परवरदिगार, तमाम जहानों के मालिक,
हमारे मुल्क भारत को अमन, मोहब्बत और तरक्की का गहवारा बना दे। यहाँ बसने वाले हर इंसान के दिल में एक-दूसरे के लिए भाईचारा, इज़्ज़त और हमदर्दी पैदा कर।
पूरी इंसानियत पर अपनी रहमत का साया फ़रमा।
दुनिया के जिस भी कोने में लोग बेबस, मज़लूम, लाचार या परेशान हैं, उनकी ग़ैब से मदद फ़रमा।बीमारों शिफा मिले,इंसानियत का बोलबाला हो,चौतरफा खुशहाली हो,आमीन
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने इस मुबारक मौके पर कहा कि नज़र हो ग़ौस-ए-आज़म की, करम की छाँव मिल जाए,
दिलों की तीरगी छूटे, उजाला गाँव मिल जाए।
हर इक घर में सहर चमके, मोहब्बत का बसेरा हो,
जो भटके इस ज़माने में, उन्हें अब ठाँव मिल जाए।
इस मौके पर हाजी शावेज़ हाशमी,पम्मी ख़ाँ वारसी,आसिम हुसैन क़ादरी,
सोहेल हाशमी,यावर अली खां बिट्टू,सोहेल शम्सी,सय्यद पप्पू जमील, अशरफ शम्सी, नावेद हाशमी,फरमान खान, अहमद खान टीटू,बब्बू, नादिर खान, मुन्ना अंसारी,शहशांह मियाँ,बब्बू नियाज़ी,ताहिर खान,फ़ैज़ी खान,सय्यद काज़िम अली,मुजाहिद इस्लाम,अरबाज खान,मुजम्मिल खान,इस्तेखार शम्सी सलीम बेग आसिफ शम्सी फुरकान खान,चाँद मियाँ,संजय सैनी,जावेद,ज़ाहिद शम्सी,नदीम शम्सी,इमरान अंसारी,अक्लीम बेग अंजुम आदि सहित बड़ी तादात में अकीदतमंद शामिल रहे।


























































































