100 वृद्धजनों को शिविर में वितरित किए वॉकिगं स्टिक एवं वॉकर
बदायूँ । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रामेश्वर मिश्रा की अध्यक्ष्यता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उ0प्र0 के तत्वाधान में राष्ट्रीय वृद्धा स्वास्थ्य देखभाल कार्यकम के अन्तर्गत इंटरनेशनल डे ऑफ ओल्डर पर्सन के अवसर पर चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन जिला चिकित्सालय पुरूष में शुक्रवार को किया गया। मुख्य अतिथि व जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा उपस्थित 100 वृद्धजनों को वॉकिगं स्टिक एवं वॉकर वितरित किए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा वृद्धजनों के प्रति सम्मान एवं उचित व्यवहार करने हेतु सलाह दी गयी और यह कहा कि वृद्धावस्था एक ऐसी स्थिति है जोकि सभी के जीवन में आनी है और इसका सामना सभी को करना है। वृद्धजनों को उचित देखभाल के साथ-साथ उनके साथ अधिक से अधिक समय बिताने एवं उनको सुननें और समझनें की अवश्यकता है। शिविर में वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें हड्डी रोग, मधुमेह, कान, नाक, गला एवं नेत्ररोग, बीपी, दंतरोग आदि बीमारियों से ग्रस्त वृद्धजनों को औषधि का वितरण किया गया। चिकित्सकों द्वारा वृद्धावस्थ्या में आने वाले शारीरिक परिवर्तनों एवं कमजोरियों के बारे में बताया गया एवं रक्तचाप, दमा, मधुमेह, स्ट्रोक, अलजाइमर, टी0बी0, कब्ज, अवसाद, हृदयरोग आदि बीमारियां होने के कारण वे और कमजोर हो जाते हैं एवं चलने फिरने में बहुत कठिनाई आती है। सही समय पर चिकित्सा परीक्षण एवं उपचार के माध्यम से अधिक उम्र वाले बृद्धजनों की स्वास्थ्य की देखभाल की जा सकती है और उनके जीवन को आसान बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश राजकीय सिविल पेंशन परिषद के अध्यक्ष प्यारे सिंह द्वारा कविता सुनाकर दूर-दराज से आये वृद्धजनों का मनोरंजन करते हुए यह सीख दी कि शरीर बूढा हो सकता है, पर मन से हमे बूढा नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय (पुरूष) डॉ0 अमित वार्ष्णेय, डा0 निरंजन सिंह, डॉ0 वागीस वार्ष्णेय, डॉ0 चकेश गुप्ता, डॉ0 स्वतंत्रपाल सिंह, डॉ0 आरती मौजूद रहे।













































































