सीएम योगी ने बरेली में 933 करोड़ रुपये की 132 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

बरेली। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर बरेली पहुंचे। सीएम योगी ने यहां 933 करोड़ रुपये की 132 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया साथ ही उन्होंने प्रदेश स्तर पर अत्याधुनिक जीवन रक्षक सुविधाओं से लैस 2,554 नई एंबुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश के लिए ‘स्कूल चलो अभियान‘ की शुरुआत भी की और ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान‘ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बरेली के बरेली कॉलेज मैदान में 932.59 करोड़ रुपये की कुल 132 परियोजनाओं का लोकार्पण / शिलान्यास किया, जिसमें 507.44 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कुल 74 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 425.15 करोड़ रुपये की लागत की 58 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ।लोकार्पण के अन्तर्गत उप्र राज्य सेतु निगम लिमिटेड सेतु निर्माण इकाई द्वितीय की लागत 62.27 करोड़ रुपये, सीएण्ड डीएस यूनिट-49 जल निगम की लागत 5.24 करोड़ रुपये, उप्र जल निगम (नगरीय) की लागत 26.43 करोड़ रुपये, उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि (पूर्ववर्ती पैकफेड) की लागत 1.20 करोड़ रुपये, यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट कारपोरेशन लि की लागत 9.55 करोड़ रुपये, यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लि की लागत 3.62 करोड़ रुपये, उप्र आवास एवं विकास परिषद की लागत 10.55 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग (प्रान्तीय खण्ड) की लागत 109.46 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग (निर्माण खण्ड-1) की लागत 48.74 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग (निर्माण खण्ड-भवन) की लागत 109.92 करोड़ रुपये, बाढ़ खण्ड (सिंचाई विभाग) की लागत 24.79 करोड़ रुपये, रुहेलखण्ड नहर खण्ड (सिंचाई विभाग) की लागत 28.21 करोड़ रुपये, उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लि की लागत 1.01 करोड़ रुपये, नलकूप खण्ड-द्वितीय की लागत 2.86 करोड़ रुपये, उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि प्रखण्ड की लागत 4.29 करोड़ रुपये, नगर निगम (सगर विकास विभाग) की लागत 1.06 करोड़ रुपये, बरेली विकास प्राधिकरण की लागत 58.24 करोड़ रुपये है।शिलान्यास के अन्तर्गत सी एण्ड डी एस यूनिट-49 जल निगम के कार्यों की लागत 24.58 करोड़ रुपये, उ०प्र० जल निगम (नगरीय) की लागत 12.96 करोड़ रुपये, यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट कारपोरेशन लि की लागत 6.76 करोड़ रुपये, यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लि की लागत 1.80 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग (प्रान्तीय खण्ड) की लागत 73.46 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग (निर्माण खण्ड-1) की लागत 112.92 करोड़ रुपये, बाढ़ खण्ड (सिंचाई विभाग) की लागत 29.85 करोड़ रुपये, उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लि० 3.11, उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि प्रखण्ड की लागत 1.60 करोड़ रुपये, नगर निगम (नगर विकास विभाग) की लागत 15.43 करोड़ रुपये, बरेली विकास प्राधिकरण की लागत 142.67 करोड़ रुपये है।इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने बरेली की पहचान को झुमका के साथ जोड़ा था, हम लोगों ने बरेली को नाथ कॉरिडोर देकर नाथ नगरी को उसकी पौराणिक पहचान दिलाने का काम किया है।मुख्यमंत्री ने बरेली कॉलेज मैदान में बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा लगाई गई विकास एवं योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान युवा उद्यमियों द्वारा लगाए गए उत्पाद की प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया। लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में बरेली ने एक नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि पहले बरेली को झुमके के साथ जोड़ा जाता था, लेकिन हमने इसे नाथ नगरी के रूप में नाथ कॉरिडोर देकर इसकी पौराणिक पहचान दिलाने का काम किया है। आज बरेली स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी धमक देश और दुनिया में स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरेली में अब निवेश का माहौल बन रहा है। डेयरी, मेडिकल और अन्य उद्योगों में निवेश हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।बरेली को हर घर नल योजना, रिंग रोड और नए फ्लाईओवर से जोड़ा जा रहा है, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा मजबूत हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, बरेली अब स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। 2017 से पहले बरेली में दंगे आम बात थी, लेकिन पिछले 8 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ। अब बरेली में दंगा नहीं, सब चंगा है। उन्होंने दंगाइयों को चेतावनी देते हुए कहा कि दंगा करने की हिम्मत करने वालों की संपत्ति जब्त कर गरीबों में बांट दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है। उन्होंने बरेली से पूरे प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान‘ की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत नये नामांकित बच्चों में सृष्टि, तोषन्ति, अक्शानूर, रुद्रांश वर्मा, अक्षय आनन्द को स्कूल बैग (पुस्तक व चॉकलेट) प्रदान किया गया।

उन्होंने कहा कि नया शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा है। मैं बरेली वासियों और पूरे उत्तर प्रदेश के लोगों से आह्वान करता हूं कि इस अभियान से जुड़े और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। अगर कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रहता है तो यह समाज और राष्ट्र के लिए चुनौती बन जाता है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बेसिक शिक्षा परिषद की हालत खराब थी। स्कूलों में टॉयलेट, पेयजल, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। 60 प्रतिशत बच्चे स्कूल नहीं जाते थे। उन्होंने कहा कि आज ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 96 प्रतिशत स्कूलों में टॉयलेट, पेयजल, फ्लोरिंग, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था हो चुकी है। पिछले साल 1 करोड़ 91 लाख बच्चों को डीबीटी के जरिए 1200 रुपये प्रति बच्चा उनके अभिभावकों के खाते में भेजे गए। बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर भी दिए जा रहे हैं, जिससे बच्चों में स्कूल जाने की उत्सुकता बढ़ी है।मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा परिषद में 1,25,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम श्री योजना के तहत 1500 विद्यालयों का कायाकल्प किया जा रहा है। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को 8वीं से 12वीं तक गरीब कन्याओं की शिक्षा का केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरेली में अटल आवासीय विद्यालय का शुभारंभ होने जा रहा है, जो श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्तम शिक्षा का केंद्र बनेगा। सीएम योगी ने कहा कि इसी तर्ज पर बेसिक शिक्षा परिषद ने भी हर जनपद में मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय को प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 57 जनपदों में जहां पर अटल आवासीय विद्यालय नहीं खोले गए हैं, वहां पर यह मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय प्रारंभ होने जा रहे हैं। पहले चरण में जनपद स्तर पर दूसरे चरण में तहसील स्तर, तीसरे चरण में विकासखंड स्तर पर और चौथे चरण में न्याय पंचायत स्तर पर विद्यालय खोलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्री प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक यानी नर्सरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा बच्चों को एक ही कैंपस में मिल सके खेलकूद की व्यवस्था हो स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्था हो, पूरे शिक्षक हों, शिक्षकों के लिए आवासीय व्यवस्था हो इस कार्यक्रम को लेकर हम इस अभियान को लेकर बढ़ने जा रहे हैं।स्वास्थ्य को शिक्षा जितना ही महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने बरेली से ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान‘ की शुरुआत की। संचारी रोग अभियान के अन्तर्गत उत्…