वैश्विक हिन्दी संगठन , नीदरलैंड द्वारा साहित्यकार सुरेश बाबू मिश्रा अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित
बरेली । वैश्विक हिन्दी संगठन ,नीदरलैंड द्वारा बरेली के जाने माने साहित्यकार सुरेश बाबू मिश्रा को अति प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया है । उन्हे यह सम्मान उनके अंग्रेजी में अनूदित कहानी संग्रह- “दा वेव्स ऑफ रावी ” के लिए प्रदान किया गया है । मिश्रा का अंग्रेजी में अनूदित यह कहानी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत चर्चित हो रहा है । वैश्विक हिन्दी संगठन, नीदरलैंड, आचार्य कुल भारत और वागीश यूएई के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय बेद ,दर्शन ,साहित्य और संस्कृति सम्मेलन का आयोजन दिनांक 27 दिसम्बर 2024 को आबूधावी, यूएई में सम्पन्न हुआ । इसमे विविध क्षेत्रों के विद्वानों को विभिन्न सम्मानों से विभूषित किया गया । साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट अवदान के लिए सुरेश बाबू मिश्रा को यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान इसी अंतर्राष्ट्रीय आयोजन प्रदान किया जाना था । कुुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण सुरेश बाबू मिश्रा आबूधावी में आयोजित होने बाले आयोजन में प्रतिभाग नहीं कर सके । इसलिए उन्हे यह सम्मान पत्र उनकी मेल पर आज 27 मार्च 2025 को प्राप्त हुआ । वैश्विक हिन्दी संगठन नीदरलैंड एवं आचार्य कुल भारत की अध्यक्ष डाॅ पुष्पिता अवस्थी ने अपनी मेल से यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान पत्र अपनी मेल से भेजा है ।

अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिलने से अभिभूत सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि यह उनके साहित्यिक जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि है । इससे साहित्य सृजन के प्रति उनके मन में नवीन उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा । सुरेश बाबू मिश्रा को यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त महामन्त्री डाॅ पवन पुत्र बादल, उत्तर प्रदेश के महामंत्री डाॅ महेश पाण्डेय बजरंग, ब्रज प्रांत की प्रांतीय महामंत्री डाॅ शशि बाला राठी , प्रांतीय संरक्षक मोनिका अग्रवाल , डाॅ नवल किशोर गुप्ता , निरूपमा अग्रवाल,रोहित राकेश ,प्रभाकर मिश्रा ,उमेश चन्द्र गुप्ता ,डाॅ चन्द्र प्रकाश शर्मा ,डाॅ व्रजेश कुमार शर्मा , डाॅ वी सी दीक्षित, प्रवीण कुमार शर्मा तथा डाॅ अखिलेश कुमार गुप्ता ने हर्ष ब्यक्त किया और उन्हे बधाई दी ।













































































