बरेली। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा सांगा के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी ने देशभर में हंगामा खड़ा कर दिया है। इस विवादित बयान के विरोध में बरेली में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने तीखा रुख अपनाते हुए कलेक्ट्रेट गेट के सामने सांसद रामजी लाल का पुतला दहन किया और जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। संगठन ने सुमन की संसद से सदस्यता समाप्त करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि सुमन ने राज्यसभा में महाराणा सांगा को “गद्दार” कहकर न केवल संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज के गौरव का अपमान किया। महासभा ने इसे अक्षम्य अपराध करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षत्रिय समाज सहित अन्य हिंदू संगठन बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे। संगठन का आरोप है कि यह बयान सांप्रदायिक और जातीय उन्माद को बढ़ावा देने वाला है, जिससे सामाजिक सौहार्द को खतरा उत्पन्न हो सकता है। पुतला दहन के दौरान महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सुमन के बयान की कड़ी निंदा की। ज्ञापन में मांग की गई कि सपा सांसद के खिलाफ ठोस कानूनी कदम उठाए जाएं और उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए। इस ज्ञापन की प्रतियां राष्ट्रपति के अलावा प्रधानमंत्री, राज्यसभा अध्यक्ष और विभिन्न समाचारपत्रों को भी भेजी गईं। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। जहां एक ओर भाजपा और अन्य संगठन सुमन के बयान को हिंदू समाज के खिलाफ हमला बता रहे हैं, वहीं सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बरेली में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि महाराणा सांगा जैसे ऐतिहासिक नायक के सम्मान को लेकर समाज में गहरा आक्रोश है। प्रदर्शन में सर्वेश्वर पाल सिंह , शिवेंद्र प्रताप, ओमप्रकाश सिंह , अमित सिंह चौहान, राम कुमार सिंह , प्रवेश कुमार , एम पी सिंह , जयवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।