बरेली। बौद्ध समाज को मंदिर सौंपने की मांग करते हुए सम्राट सेना के राष्ट्रीय संयोजक रणजीत मौर्य धनंजय के नेतृत्व में समाज के लोगों के साथ महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित जिला अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया। सम्राट सेना के बेनर तले समाज के लोगों ने मांग की है कि महाबोधि महाविहार मंदिर को बौद्ध समाज के लोगों को सौंप दिया जाए , गया बिहार में दुनिया भर के बौद्धों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। बौद्ध गया यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित है। विश्व के इस पवित्र एवं गौरवपूर्ण स्थान से विश्व भर के बौद्धों एवं अम्बेडकर अनुयाइयों की आस्था जुड़ी हुई है। इस महाबोधि महाविहार के मंदिर में प्रबंधन कमेटी में चार गैर बौद्ध, चार बैद्ध सदस्य सम्मिलित है कमेटी का अध्यक्ष कलेक्ट्रेट होते हैं। मंदिर को गैर बौद्धों द्वारा छेडछाड़ कर विकृत किया जा रहा है। इन्होंने कहा कि देश में जिस प्रकार से मुस्लिम, इसाई, सिख व अन्य धर्मावलंबियों का उनको धार्मिक स्थलों के प्रबंधन का अधिकार है, उसी प्रकार महाबोधि महाविहार गया का संपूर्ण प्रबंधन बौद्धों का होना चाहिए। महाबोधि महाविहार को गैर बौद्धों से मुक्त कराने हेतु शांतिपूर्ण आंदोलन कर ज्ञापन दिया हैं परंतु बिहार सरकार भिक्खुयों की जायज मांग को न सुनकर उल्टा उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाया एवं बौद्ध धम्म गुरुओं के प्रति असम्मान जनक व्यवहार किया जा रहा है। हम मांग करते हैं मंदिर हमारे समाज को दे दिया जाए। ज्ञापन देने बालो में रणजीत मौर्य , धनंजय, सुनील शौर्यवंशी, नवल किशोर कुशवाह, रोहित मौर्य, संतोष कुमार अंबेडकर, टिका राम, दूधराम मौर्य , केदार सिंह , अनिल रही आदि मौजूद रहे।