महाकुंभ में लगेगा दैवी सम्पद महामण्डल का विशाल शिविर

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शाहजहांपुर। 13 जनवरी सोमवार 2025 से प्रारम्भ हो रहे प्रयाग महाकुम्भ में श्री दैवी सम्पद महामण्डल का विशाल शिविर मेला क्षेत्र के शंकराचार्य मार्ग पर सेक्टर 18 में महामण्डलेश्वर अनन्त श्री स्वामी हरिहरानन्द सरस्वती के सानिध्य में लग रहा है। जिसमें भारत तथा अन्य देशों के तमाम कल्पवासी संत, धर्माचार्य और साधक बड़ी संख्या में पधार रहें है। यह जानकारी देते हुए मुमुक्षु आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता व पूर्व केन्द्रीय गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती ने बताया कि हजारों की संख्या में आने वाले इन तीर्थ यात्रियों के आवास, भोजन, स्वाध्याय, साधना और आध्यात्मिक अनुष्ठान के लिए पर्याप्त व्यवस्था शिविर में की जा रही है। प्लाई और त्रिपाल की बनी हुई सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त कुटीरों का निमार्ण किया गया है जिसमें आवास के अतिरिक्त नित्य क्रिया से निवृत होने के संसाधन तथा सर्दियों को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थायें की गई है। 300 गुणा 240 वर्ग मीटर में निर्मित इस विशाल महाशिविर में कथा के लिए 65 गुणा 120 फुट का विशाल पण्डाल 24 गुणा 24 की पांच कुण्डीय यज्ञशाला द्वादश ज्योर्तिलिंग का दर्शनीय ज्योर्तिमण्डप तथा भगवान शंकर का एक विशाल मंदिर भी लकडी और फूस से बनाया गया है।

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शिविर में लगभग पांच हजार लोगंो के लिए भोजन प्रसाद हेतु विशाल भोजनालय का भी निमार्ण किया गया है। शिविर में 14 जनवरी मंगलवार से 20 जनवरी सोमवार तक भारत प्रसिद्ध राम कथा के गायक संत श्री विजय कौशल की तथा 21 जनवरी मंगलवार से 28 जनवरी मंगलवार तक अखण्ड अध्यात्म पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी श्रवणानंद सरस्वती जी की श्रीमदभागवत कथा प्रस्तावित है। 29 जनवरी मौनी अमावस्या से से 3 फरवरी वसंत पंचमी तक भारत प्रसिद्ध रामकथा के गायक नित्यलीला लीन गोलोक वासी स्वामी राजेश्वरानन्द सरस्वती की प्रमुख शिष्या साध्वी भक्ति प्रभा की संगीतमयी राम कथा होगी। प्रतिदिन यज्ञशाला में अलग अलग यज्ञों का आयोजन किया जायेगा। जिसमें शतचण्डी, रूद्र महायज्ञ और विष्णु महायज्ञ सम्पन्न होंगे। सभागार में प्रतिदिन दैवी सम्पद मण्डल की नित्य प्रार्थना शिवमहिन्म सुंदर काण्ड और वैदिक मंत्रों का वाचन होगा। 24 जनवरी शुक्रवार को समष्टी भण्डारे का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पंचायती महानिवार्णी अखाडे के 101 महामण्डलेश्वर 11 श्री महंत और 5000 संतों का भोजन सम्मान और पूजन सम्पन्न होगा। शिविर में जिन प्रमुख संतों की उपस्थिति निरंतर रहेगी उनमे महा मण्डलेश्वर अनन्त श्री स्वामी असंगानन्द सरस्वती जी महाराज, भारत सरकार के पूर्व केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती जी महाराज, अनन्त श्री स्वामी श्रवणानंद सरस्वती जी नई दिल्ली, श्री स्वामी विवेकानन्द सरस्वती जी महाराज फिरोजाबाद, श्री स्वामी ज्योतिमर्यानन्द सरस्वती जी महाराज रायबरेली, श्री स्वामी अभेदानन्द सरस्वती जी महाराज कनखल हरिद्वार, श्री स्वामी धर्मात्मानन्द सरस्वती जी महाराज परमार्थ आश्रम हरिद्वार, श्री स्वामी सरवेश्वरानंद सरस्वती जी श्री कृष्ण आश्रम गढमुक्तेश्वर, साध्वी अनादि सरस्वती चित प्रतिष्ठान अजमेर, भारत साधु समाज के श्री स्वामी ऋ षिश्वरानन्द आदि अनेक संत महात्मा रहेंगे। वैसे तो कुम्भ क्षेत्र में निवास करने वाले लोग अपने नित्य नियमों का पालन करते हुए प्रतिदिन गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगे लेकिन पौष पूर्णिमा 13 जनवरी मकर संक्रांति 14 जनवरी, मौनी अमावस्या 29 जनवरी, 3 फ रवरी वसंत पंचमी के स्नान प्रमुख है अखाडों की शाही सवारी भी 14 जनवरी मकर संक्राति, 29 जनवरी मौनी अमावस्या तथा 3 फ रवरी वसंत पंचमी को निकलेगी। इस आध्यात्मिक यात्रा का अपना एक अलग आकर्षण है देश विदेश से आये हुए तमाम नर नारी इस शोभा यात्रा को देखने के लिए पहले से यात्रा मार्ग पर लाईन लगा कर खडे होंगे। शाही यात्रा का नेतृत्व अलग अलग अखाडों के आचार्य महामण्डलेश्वर तथा व्यवस्था सम्बन्धित अखाडो के श्री मंहत और पंचपरमेश्वर करेंगे। कड़ी सर्दी में सर्वागनग्न नागा साधुओं का दर्शन बडा अलौकिक होता है यह निवस्त्र संत देश के विभिन्न तपस्थलियों से आये हुए होते है अपने तप त्याग और साधना की करिशमाई प्रस्तुतियों से जन साधारण का मन मोह लेते है कुल 13 अखाडे है जिनमे सात पंचायती महानिर्वाणी निरंजनी जूना अटल अग्निी और अहवाव और उदासीन और तीन वैष्णव अखाडे जिनका नेतृत संबन्धित अखाडो के श्री मंहत और पीठाधीश्वर करते है। प्रदेश की योगी सरकार ने मेले में आने वाले यात्रियों की सुख सुविधा के लिए हर संभव साधन उपलब्ध कराये है संगम में स्नान के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है फिर भी शिविरों के आयोजक अपने अपने शिविरों में उचित व्यवस्था बनाये रखने की कोशिश कर रहे है।

पूर्व में दे अपने आगमन की सूचना
स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती ने बताया कि हम शिविर मे आने वाले यात्रियों से अपेक्षा करेंगे कि वह अपने आगमन की सूचना और सहयोग के लिए स्वामी हरिहरानन्द सरस्वती, दैवी सम्मपद महाण्मडेलश्वर शिविर, सेक्टर 18 शंकराचार्य मार्ग, महाकुम्भ मेला प्रयाग से मोबाइल नम्बर 7055315009 पर सम्पर्क कर सकते है।

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