डिजिटल बैंकिग से अर्थव्यवस्था का हुआ विस्तार
शाहजहाँपुर। एस०एस० कॉलेज के वाणिज्य विभाग में डिजिटल बैंकिग पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। हेमवती नन्दन बहुगुणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल के वाणिज्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष, संकायाध्यक्ष एवं पूर्व वित्त अधिकारी प्रो० एस०के० श्रीवास्तव ने बोलते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक ने बैंकिग के क्षेत्र में क्रान्ति ला दी है। आज ग्राहक को बैंक जाने और लम्बी-लम्बी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाईन बैंकिग सेवा उपलब्ध होने के कारण बैंक के ग्राहक किसी भी समय अपनी आवश्यकतानुसार मोबाईल फोन या इण्टरनेट बैंकिग के द्वारा लेन-देन करने में सक्षम हैं। डिजिटल बैंकिग के कारण व्यापक स्तर पर बैंकिग सेवाओं का प्रयोग बढ़ा है जिसके साथ बैंकिग व्यवहार में पारदर्शिता भी बढ़ी है। बैंकिग क्षेत्र में डिजिटल तकनीक ने अर्थव्यवस्था का तीव्र विस्तार किया है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व पटल पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने में सक्षम बनी है। प्रो० श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल अपराण बढ़ने के साथ साईबर अपराध भी बढ़ा है। तकनीकि वैज्ञानिकों को बड़ते साईबर अपराध को रोकने के लिए नवीन तकनीकों का विकास करना होगा। सरकार को भी इस सम्बन्ध में एक बृहद विधान बनाना होगा। डिजिटल बैंकिग की उपयोगिता तथा प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए बैंकिग कर्मचारियों को प्रशिक्षित किये जाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि डिजिटल बैंकिग के क्षेत्र में तकनीकि कौशल युक्त युवाओं के लिए रोजगार की अपार सम्भावनाएँ हैं। प्रो० श्रीवास्तव के उद्बोधन से पूर्व स्वामी शुकदेवानन्द सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। डॉ० कमलेश गौतम के संचालन में हुए कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो० अनुराग अग्रवाल ने स्वागत एवं परिचय भाषण दिया तथा डॉ० देवेन्द्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया। व्याख्यान में डॉ० सचिन खन्ना, बृजलाली आदि शिक्षकों के अतिरिक्त अपूर्वा सक्सेना, यश पाल कश्यप, देव सिंह कुशवाहा, निश्चय शुक्ला आदि छात्र/छात्राओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बी०कॉम० के 100 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित थे।













































































