मुख्य समाचार पर जाएँ
Thursday, 5 November 2026
SKS24NEWSNational Hindi Digital News Networkख़बर वही, जो सच बताए!
देश की आवाज़स्थानीय खबरें · राजनीति · शिक्षा · खेल
🌙 18.5 °C साफ · बदायूँ
🥇 सोना ₹1,46,220.00 / 10 ग्राम
🥈 चांदी ₹2,20000/ किलो
सुर्खियाँ
ब्लूमिंगडेल स्कूल में दूसरे दिन दशावतार थीम पर वार्षिकोत्सव की भव्य धूम रही, रंगारंग कार्यक्रमों ने धमाल मचायाऐस (पीजी) इंस्टीट्यूट में धूमधाम से मना ‘रोशनी-2026’ दीपावली महोत्सव, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मनकोठीवाल मंदिर में चौथे दिन हुआ दिव्य सनातन दीप महायज्ञ, सनातन संस्कारों से युवा पीढ़ी को दिशा देने का आह्वानभाजपा की पदयात्रा में जेबकतरों का आतंक, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चार लोगों की जेबें कटींबरेली पुलिस की बड़ी सफलता, 374 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद, 75 लाख रुपये के मोबाइल उनके मालिकों को सौंपेपार्षद सुधा सक्सेना की मौजूदगी में सुलझा मंदिर के गेट का विवाद
Uttar Pradesh

हाथी ने चाल बदली तो बदल जाएंगे सियासी समीकरण, BSP के ‘इंडिया’ में जाने की चर्चाएं तेज

March 7, 2024By admin0 comments
👁 0 views
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
previous arrow
next arrow

मुजफ्फरनगर। बार-बार इन्कार के बावजूद बसपा के इंडिया गठबंधन में शामिल होने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। कांग्रेस, बसपा और सपा ने अगर साथ मिलकर चुनाव लड़ा तो सियासी मुकाबलों में नया मोड़ आएगा। यही नहीं नए सिरे से टिकट बंटवारा और प्रत्याशियों को इधर-उधर भेजकर चुनाव लड़ाने की संभावना भी है। लोकसभा चुनाव की चर्चा के केंद्र में एकाएक बसपा खड़ी हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती अकेले चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद बसपा के इंडिया गठबंधन के साथ जाने की चर्चा चल रही है। अगर ऐसा हुआ तो सियासी समीकरण बदलते हुए देर नहीं लगेगी। अधिकतर सीटों पर भाजपा के साथ सीधा मुकाबला होगा। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भाजपा ने वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान और सपा ने पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अब इंतजार सिर्फ बसपा के अगले कदम का है। बसपा अगर अकेले चुनाव लड़ती है तो त्रिकोणीय मुकाबला होगा, लेकिन अगर इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी होती है तो सीधे मुकाबले के आसार बन जाएंगे।बसपा, सपा और कांग्रेस के एक साथ चुनाव मैदान में आते ही मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर दलित-मुस्लिम एवं अन्य मतों का मजबूत समीकरण बनेगा। साल 2009 में भाजपा और रालोद ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, तब भी बसपा से चुनाव लड़े कादिर राणा ने जीत हासिल की थी।अगर बसपा विपक्ष के गठबंधन में आती है तो पश्चिम यूपी की कई सीटों पर प्रत्याशियों में फेरबदल की संभावना बनेगी। ऐसी स्थिति में बिजनौर सीट बसपा के पास रहने की संभावना है। यही वजह है कि फिलहाल कांग्रेस, बसपा और सपा ने अपने प्रत्याशियों की नई सूची जारी नहीं की है। सियासत के जानकारों का दावा है कि आचार संहिता लगने का इंतजार किया जा रहा है।लोकसभा चुनाव 2019 की बात करें तो पश्चिम यूपी में रालोद का खाता खाली हो गया था, लेकिन बसपा ने यहां दो सीटें जीत ली थी। इनमें सहारनपुर और बिजनौर सीट पर बसपा के प्रत्याशी जीतकर सांसद बने थे।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-12-28at122820
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at122213
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow

यह भी पढ़ें

Home
Live TV
VIDEO NEWS
+ Create
Verified by MonsterInsights