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Uttar Pradesh

केमिकलयुक्त रंगों के बहिष्कार को अभियान शुरू

March 12, 2022By sharad kumar0 comments
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बदायूं।आज युवा संकल्प सेवा समिति के तत्वधान में दुर्गा मंदिर बदायूं बरेली रोड स्थित प्रांगण में केमिकल युक्त रंगों के बहिष्कार को लेकर संस्था द्वारा चलाए जाने वाले अभियान की शुरुआत की गई जिसकी अध्यक्षता संस्था के प्रबंधक पुनीत कुमार कश्यप एडवोकेट ने की व संचालन संस्था के कोषाध्यक्ष योगेंद्र सागर ने किया।

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संस्था के प्रबंधक पुनीत कुमार कश्यप ने कहा कि होली का त्यौहार रंगों का त्योहार है इसे सभी धर्म व जाति के लोगों को मिलजुल कर आपसी मतभेद भुलाकर मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उसी के साथ हमें केमिकल युक्त रंगों से होली ना खेल कर गुलाल व अबीर से होली खेलने के लिए अपने बच्चों को व आस-पड़ोस के लोगों को प्रेरित करना चाहिए इसी क्रम में संस्था द्वारा आज इस अभियान की शुरुआत की जा रही है। संस्था द्वारा सभी विद्यालयों के छात्र छात्राओं को एवं जिले भर में केमिकल युक्त रंगों का बहिष्कार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और उन्हें केमिकल युक्त रंगों से होने वाली हानिकारक बीमारियों के बारे में भी बताया जाएगा। किसी जमाने में होली फूलों और प्राकृतिक मेंहदी, हल्दी आदि से बनाए रंगों से खेली जाती थी, लेकिन अब इन रंगों की जगह केमिकल ने ले ली है। इस समय बाजार में रंगों की भरमार है। इन रंगों में अधिकतर वे हैं, जो केमिकल से बने हैं। पिछले कुछ सालों से बाजार में ऐसे भी रंग बिक रहे हैं, जिनमें कांच का चूरा तक पाया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि होली के रंग खरीदते समय व इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरती जाए।

संस्था के उप सचिव निखिल कुमार गुप्ता ने कहा कि हर्बल रंग और गुलाल का उपयोग कर स्वस्थ होली मनाएं। केमिकल युक्त रंग आपकी त्वचा के निखार तो चुरा ही सकता है और बीमारी का कारण भी बन सकता है। चिंता की बात ये है कि रंग न केवल आपकी त्वचा को बदरंग कर सकते हैं, बल्कि खतरनाक रसायन व हानिकारक वस्तुओं की मिलावट से सिरदर्द, चक्कर और सांस की तकलीफ भी हो सकती है। रंगों से होली खेलें तो जरा संभलकर। मिलावटखोर ही नहीं कुछ कंपनियां भी रंग-गुलाल में हानिकारक रसायन-कॉपर सल्फेट, लेड सल्फाइट, मर्करी सल्फाइड मेलाकाइड ग्रीन, पिसा हुआ सीसा व कांच, डीजल, इंजन ऑयल, क्रोमियम आयोडाइड आदि का भी इस्तेमाल करती है।

संस्था के कोषाध्यक्ष योगेंद्र सागर ने कहा कि होली पर बेहद सस्ते और गाढ़े रंग खरीदने से बचना चाहिए। इन रंगों को बनाने में खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। रंगों का यह त्योहार किसी के लिए परेशानी का कारण न बने और लोग सुरक्षित इस त्योहार को मना सके, इसके लिए जरूरी है कि होली को रसायन (केमिकल) मुक्त रखा जाए।रंगों का त्योहार होली तो सबको खूब पसंद हैं, लेकिन इस त्योहार में भी केमिकल की मिलावट हो चुकी है। इस समय बाजार में जो रंग बिक रहे हैं, उनमें अधिकतर केमिकल के इस्तेमाल से बनें हैं, जिनसे आंखों की रोशनी जाने के अलावा त्वचा कैंसर तक हो सकता है।
इस मौके पर मुनीश कुमार सोनू सक्सेना , ज्ञान गौरव साहू, प्रयाग सिंह, केंद्रभान सिंह, शिव कुमार यादव, सुनील कुमार सिंह, धर्मवीर कश्यप, नरेश कश्यप, आदि संस्था के सदस्य पर उपस्थित रहे।

https://youtu.be/f3hh_1nhOOM
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