बरेली । विगत मई 2026 को एडवोकेट बार एसोसिएशन द्वारा बरेली बार के नवीनीकरण के विरुद्ध बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश में शिकायत की गई थी। बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश द्वारा शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिए जाने के कारण एडवोकेट बार एसोसिएशन के सचिव गौरव सिंह राठौड़ ने माननीय उच्च न्यायालय में रिट प्रस्तुत की थी
उच्च न्यायालय इलाहाबाद अपने आदेश में बरेली बार के अवैध, नियम विरोध , नवीनीकरण करने एवं अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश को दो माह का समय दिया है, बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश को दो माह में नवीनीकरण के समर्थन या विरोध में निर्णय करना पड़ेगा एडवोकेट वार के सचिव गौरव सिंह राठौड ने बार काउंसिल को अवगत कराया था कि, बरेली बार ने नवीनीकरण करते समय नवीनीकरण प्रपत्र बिंदु संख्या 1 से 8 तक का पालन नहीं किया है
संबंधी कारण संख्या 13 /1984, नियम अनुसार फर्जी नियम विरुद्ध और गैरकानूनी है
बरेली बार सोसाइटी चिट्स एंड फंड के नियमों का भी पालन नहीं करती है
बरेली बार अवैध और मनमानी तरीके से बार एसोसिएशन नाम का प्रयोग कर रही है ।
इनका कहना है कि पिछली तारीखों में बरेली बार का नवीनीकरण कर बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश ने नियम विरुद्ध कार्य किया है
बरेली बार एसोसिएशन ने कभी भी मॉडर्न बायोलॉजी का पालन नहीं किया है
बर काउंसिल में शपथ पत्र देते समय अध्यक्ष एवं सचिव ने भविष्य में बार काउंसिल के नियमों का पालन करने की बात कही है इससे स्पष्ट है कि कभी भी मॉडर्न बायोलॉजी का पालन नहीं किया है, कथित फर्जी नवीनीकरण 1984 से आज तक बरेली बार ने मॉडर्न बायोलॉज को पालन नहीं किया है बार काउंसिल के समझ फर्जी और गंभीर फर्जी वेकेशन किया है बरेली बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडे एवं अध्यक्ष मनोज हरित का संपूर्ण जीवन काल अध्यक्ष और सचिव की कुर्सी पर बने रहने की योजना है
सचिव द्वारा मतदाता सूची में करीब 1000 वोट फर्जी और नॉन प्रैक्टिशनर अधिवक्ताओं को शामिल किया है
फर्जी बार एसोसिएशन के सहारे सचिव और अध्यक्ष ने लाखों रुपए का गबन किया है, अध्यक्ष सचिव अपनी पुश्तैनी संपत्ति समझकर बिना कोई नियम कानून के संस्था को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं
नियमानुसार बिना मॉडर्न बायोलॉजी लागू हुई कोई भी संस्था वकीलों के हित और कल्याण के लिए कोई कार्य नहीं किया है
बरेली बार के सचिव और अध्यक्ष ने दशकों से फर्जी बार चलते हुए शहर के भूमाफिया ,अपराधी प्रॉपर्टी डीलर, कॉलोनाइजर, और व्यापारियों को बार का सदस्य की सदस्यता दे रखी है
जिससे प्रैक्टिशनर अधिवक्ता अपने आप को हीन भावना से देखा है
बरेली वार के अध्यक्ष सचिव ने बाली वकीलों के रूप में अपराधियों की नर्सरी बनाने की योजना तैयार की है
उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा प्रैक्टिशनर अधिवक्ता हित में सराहनीय आदेश पारित किया है आदेश मिलने के बाद प्रैक्टिशनर अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है।
बरेली बार के अवैध नवीनीकरण पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद का अंकुश

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