बदायूं। उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं की लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में सोमवार को बदायूं के अधिवक्ताओं का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। जिला बार एसोसिएशन बदायूं के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर कचहरी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान डीएम हाय-हाय के नारे गूंजते रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर उनका ज्ञापन नहीं लेंगे, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा।
करीब एक घंटे तक चले हंगामे और नारेबाजी के बाद जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने पर अधिवक्ताओं ने जाम खोलते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कालपी और कुशीनगर के हत्याकांड से भड़का आक्रोश
जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि हाल ही में कालपी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ग्यादीन अहिरवार एडवोकेट और कुशीनगर के अधिवक्ता मनीष कुमार गौड़ की निर्मम हत्या कर दी गई। इन घटनाओं से प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के चलते वकील खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसी के विरोध में बदायूं के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।
ज्ञापन में उठाईं तीन प्रमुख मांगें
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने दोनों हत्याकांड के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई कराने और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की। इसके साथ ही मृतक अधिवक्ताओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी।
अधिवक्ताओं ने प्रदेश में लंबे समय से लंबित अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने पर भी जोर दिया।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता समाज की आवाज हैं और आम जनता को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।


























































































