मुंबई। मंगलवार को जे.जे. हाईवे रोड, बाइकुला स्थित रिचर्डसन एंड क्रूडस ग्राउंड में तीसरे सालाना उर्स-ए-सकलैनी का अज़ीमुश्शान आयोजन किया गया। यह रूहानी और यादगार कार्यक्रम ख़ानक़ाह-ए-आलिया सकलैनिया शराफ़तिया, बरेली के सज्जादानशीन फ़ैज़ुल औलिया पीरो-मुर्शिद हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियाँ हुज़ूर की सरपरस्ती में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का आग़ाज़ बाद नमाज़-ए-मग़रिब तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से हुआ, जो रात 11 बजे तक जारी रहा।
इस मौक़े पर ख़ानक़ाह-ए-मुनअमिया, पटना के सज्जादानशीन हज़रत अल्लामा शमीमुद्दीन मुनअमी मियाँ ख़ुसूसी तौर पर तशरीफ़ लाए, उन्होंने अपने ख़ुसूसी ख़िताब में साहिब-ए-उर्स हज़रत पीरो-मुर्शिद शाह मोहम्मद सकलैन मियाँ हुज़ूर रहमतुल्लाह अलैह की पाकीज़ा ज़िंदगी, रूहानी तालीमात और ख़िदमात पर रौशनी डालते हुए उनके फ़ैज़ और तालीमात को आम करने की अहमियत बयान की। रात ठीक 11 बजे कुल शरीफ़ की रस्म अदा की गई। कुल शरीफ़ की फ़ातिहा ख़ानक़ाह-ए-आलिया सकलैनिया शराफ़तिया के सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियाँ हुज़ूर ने पढ़ी। इस मौक़े पर मुल्क के अमन, ख़ुशहाली, भाईचारे और इंसानियत की बेहतरी के लिए दुआएँ की गईं।
कार्यक्रम का एहतमाम हज़रत शाह सकलैन एकेडमी ऑफ़ इंडिया (मुंबई) की जानिब से किया गया।
उर्स में उत्तर प्रदेश के झाँसी, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर और शाहजहाँपुर सहित उत्तराखंड के काशीपुर, गदरपुर, रुद्रपुर और किच्छा के अलावा दिल्ली, भोपाल, बेंगलुरु, नासिक, पुणे, मालेगाँव, सूरत, अहमदाबाद, कच्छ, मांडवी और जैतपुर से बड़ी तादाद में मुरीदीन व अकीदतमंद पहुँचे। इसके अलावा मुंबई के मुख़्तलिफ़ इलाक़ों से भी हज़ारों की तादाद में लोगों ने शिरकत की और साहिब-ए-उर्स के फ़ैज़ान से मुस्तफ़ीज़ हुए। कार्यक्रम की निज़ामत अल्लामा शाहिद शेख़ सकलैनी ने की। इस मौक़े पर ख़ुसूसी तौर पर मुम्बई के मोअज्ज़िज़ लोग, मुफ्तियाने किराम व उलमाए किराम ने शिरकत की इसके अलावा हाफ़िज़ ग़ुलाम गौस, मौलाना आबिद सकलैनी, अल्लामा मुफ़्ती रुम्मान क़ादरी, मौलाना मुख़्तार सकलैनी, मौलाना नूरुद्दीन सकलैनी, मौलाना सरफ़राज़ सकलैनी, इंतिख़ाब सकलैनी, फ़ैज़याब सकलैनी, मुर्तज़ा सकलैनी, हमज़ा सकलैनी, मुंतसिब सकलैनी, हाजी लतीफ़ सकलैनी, हसीब रौनक़ सकलैनी, आमिल ककरालवी, ज़िया सकलैनी, जावेद सकलैनी, सय्यद अरबाज़ सकलैनी, ताहिर सकलैनी सहित अनेक उलमा व मोअज्ज़िज़ लोग और अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम की देखरेख और इंतिज़ामात में मुक़ीत सकलैनी, अफ़ज़ल सकलैनी, सादिक़ सकलैनी, तफ़द्दुल सकलैनी, फ़ैसल सकलैनी, रशीद सकलैनी, ज़ुबैर सकलैनी, तौसीफ़ सकलैनी, आसिफ़ सकलैनी, महफ़ूज़ सकलैनी, फ़ुज़ैल सकलैनी, सलमान सकलैनी और अज़ीम सकलैनी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। सभी ने अपनी ज़िम्मेदारियाँ बख़ूबी अदा करते हुए कार्यक्रम को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग दिया।
उर्स-ए-सकलैनी का यह आयोजन अकीदत, रूहानियत और आपसी भाईचारे का ख़ूबसूरत पैग़ाम लेकर संपन्न हुआ।


























































































