बरेली। चौधरी मोहल्ला स्थित सुप्रसिद्ध श्री रानी महालक्ष्मी बाई रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक 459वीं श्रीरामलीला के अंतर्गत चौधरी तालाब रामलीला मैदान में बुधवार को भावुक एवं मर्मस्पर्शी प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। लीला में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियों, मंथरा-कैकेयी संवाद, कैकेयी-दशरथ संवाद, श्रीराम वन गमन और केवट प्रेम के प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
लीला का शुभारंभ अयोध्या में प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा के साथ हुआ। पूरी अयोध्या में उत्सव और हर्षोल्लास का वातावरण दिखाया गया। इसी बीच दासी मंथरा ने रानी कैकेयी के मन में भरत के राज्याभिषेक और श्रीराम को वनवास भेजने की बात बैठा दी। मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी कोपभवन में चली गईं। इसके बाद महाराज दशरथ और कैकेयी के बीच हुए संवाद में कैकेयी ने अपने दो पुराने वरदान मांगते हुए भरत के राजतिलक और श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने की मांग रखी। यह सुनकर महाराज दशरथ शोकाकुल होकर मूर्छित हो गए।
पिता के वचनों की मर्यादा रखने के लिए प्रभु श्रीराम ने माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ वन जाने का निर्णय लिया। श्रीराम के वन गमन के दृश्य ने रामलीला मैदान में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं। वहीं, केवट प्रेम के प्रसंग में प्रभु श्रीराम के चरण पखारकर उन्हें नाव में बैठाने की केवट की अनन्य भक्ति का सुंदर चित्रण किया गया। ‘मांगी नाव न केवटु आना’ के भावपूर्ण प्रसंग ने दर्शकों को भक्ति और प्रेम की भावना से सराबोर कर दिया। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली ध्वनि-प्रकाश व्यवस्था ने मंचन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा ने कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन का प्रत्येक प्रसंग हमें मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीराम वन गमन और केवट प्रेम की लीला नई पीढ़ी को पारिवारिक मूल्यों, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और सच्ची भक्ति का संदेश देती है। समिति के महाप्रबंधक श्रेयांश बाजपेई ने कहा कि ये भावुक प्रसंग 459वीं श्रीरामलीला के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। इनके मंचन को देखने के लिए बरेली की जनता में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिल रही है। समिति के मंत्री धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि भारी भीड़ और संवेदनशील प्रसंगों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही आधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से मंचन को प्रभावशाली बनाया गया है। समिति के मंत्री शशिकांत गौतम ने बताया कि आगामी दिवस की लीला में भरत मिलाप, शूर्पणखा नासिका छेदन और सीता हरण जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भव्य मंचन किया जाएगा। इस दौरान समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, बृजेश प्रताप सिंह, विजय मिश्रा, महामंत्री शिव नारायण दीक्षित, शशिकांत गौतम, अभिषेक मिश्रा, आदित्य शुक्ला, यश चौधरी, हर्ष अग्रवाल, प्रतीक अरोरा, आकाश गंगवार तथा मीडिया प्रभारी समर्थ गौतम सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। अंत में सभी ने मिलकर व्यास पीठ की महाआरती उतारी और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रीराम वन गमन और केवट प्रेम के मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर

6.9K views

























































































