बदायूं। सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यक्रमों की प्रगति और विभागों की रैंकिंग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अवनीश राय ने खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने, योजनाओं की प्रगति का गहन विश्लेषण करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला, परियोजना निदेशक डीआरडीए सतेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में सितंबर माह के विकास कार्यक्रमों एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
59 कार्यक्रमों को मिली ए श्रेणी
समीक्षा के दौरान बताया गया कि सितंबर माह की रैंकिंग में 59 कार्यक्रमों को ए श्रेणी प्राप्त हुई। एनआरएलएम आरएफ, सीआईएफ, जननी सुरक्षा योजना का लाभ, सेतुओं का निर्माण, नई सड़कों का निर्माण, ओडीओपी वित्त पोषण योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना तथा निर्माण कार्य सीएमआईएस सहित सात कार्यक्रम बी श्रेणी में रहे। वहीं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और फैमिली आईडी को सी श्रेणी मिली। ओडीओपी टूलकिट योजना तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना डी श्रेणी में रहीं, जबकि 14 कार्यक्रम एनए श्रेणी में दर्ज किए गए।
कम प्रगति वाले विभागों को तत्काल सुधार के निर्देश जिलाधिकारी ने बी, सी और डी श्रेणी वाले कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से कम प्रगति के कारणों का विश्लेषण करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर अपेक्षित उपलब्धि हासिल नहीं हुई है, उन्हें चिह्नित कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित रैंकिंग शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। सभी अधिकारी नियमित समीक्षा कर अपने विभागों की रैंकिंग में सुधार लाएं और पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का समय रहते समाधान कर कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा कराया जाए। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में डीएम सख्त, खराब रैंकिंग वाले विभागों को चेतावनी

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