बदायूं। अवैध कब्जों और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को तीसरे दिन भी मालवीय आवास गृह पर जारी रहा। जिलाध्यक्ष सतीश साहू के नेतृत्व में धरने पर बैठे किसान नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने सरकारी जमीन, सार्वजनिक रास्ते तथा मुख्य नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द निष्पक्ष पैमाइश कराकर अवैध कब्जे नहीं हटाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल धरने का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों और सार्वजनिक रास्तों पर कथित अवैध कब्जों के बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति, सार्वजनिक रास्तों और नालों पर कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जमीनों की पैमाइश करानी चाहिए और जहां अवैध कब्जे पाए जाएं, उन्हें हटाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बीएसएनएल कार्यालय के पीछे की जमीन का मामला धरने में शामिल वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नई सराय क्षेत्र में बीएसएनएल कार्यालय के पीछे स्थित सरकारी भूमि, करीब आठ फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते और मुख्य नाले की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। दिलशाद अब्बासी ने आरोप लगाया कि रास्ता बंद कर अस्पताल के पास स्थित सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है। वहीं शरीफ अब्बासी ने दावा किया कि अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर भी सरकारी भूमि पर बना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन कथित कब्जों से आम लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने संबंधित विभागों से अभिलेखों की जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। नाले पर निर्माण से जलभराव का खतरा किसान नेताओं ने मुख्य नाले की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि नाले का रास्ता बाधित होने से भविष्य में आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। संगठन ने प्रशासन से नाले की पैमाइश कराकर उसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने तथा सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। प्रेमा की जमीन से कब्जा हटाने की भी मांग भाकियू (चढूनी) ने बीएसएनएल कार्यालय के पीछे की सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते की निष्पक्ष पैमाइश कराने, मुख्य नाले को अतिक्रमण मुक्त करने तथा सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। इसके साथ ही भगवान दास प्रेमा के नेतृत्व में प्रेमा की जमीन से कथित अवैध कब्जा हटवाने के मामले का भी शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की गई।
धरने में ये लोग रहे मौजूद
धरने में जिलाध्यक्ष सतीश साहू के साथ बीयीशुदास, लईल अब्बासी, दिलशाद अब्बासी, यादवेंद्र सिंह, नूरुद्दीन, शरीफ, भगवान दास प्रेमा, परवेज, बादशाह, कल्लू, जुबैर, अबरार, सुभान, मुनव्वर, नौशाद, इस्लाम रजा, शरिफ अब्बासी, फैज अब्बासी, अरमान अब्बासी और आजम अब्बासी सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
अवैध कब्जों के खिलाफ तीसरे दिन भी भाकियू (चढूनी) का धरना जारी

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