बदायूं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद बदायूं की जिला कार्यकारिणी एवं सभी 15 ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्षों की अति आवश्यक बैठक कैंप कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न ब्लॉकों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की शिक्षक समस्याओं को रखा। सबसे प्रमुख मुद्दा शिक्षकों के लंबित एरियर एवं अन्य देयकों का भुगतान न होने का रहा। संगठन ने वित्त एवं लेखाधिकारी पर लगातार आश्वासन के बावजूद भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। संगठन के अनुसार इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी को पूर्व में तीन बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं। पत्रांक संख्या RSM BDN/NIL के माध्यम से भी लंबित देयकों के शीघ्र भुगतान का अनुरोध किया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने पत्रांक संख्या RSM/BDN/227/2026 दिनांक 19 सितंबर 2026 को पुनः स्मरण पत्र देकर 25 सितंबर तक सभी लंबित एरियर का भुगतान कराने की मांग की थी। भुगतान न होने पर 28 सितंबर को धरना प्रस्तावित किया गया था।
संगठन ने बताया कि 26 सितंबर को वित्त एवं लेखाधिकारी से पुनः वार्ता हुई, जिसमें वेतन का हवाला देते हुए 5 अक्टूबर तक सभी लंबित देयकों का भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन 7 अक्टूबर तक भी भुगतान नहीं होने पर शिक्षक नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि एरियर बिल बनने के बाद भी उन पर हस्ताक्षर न किया जाना जांच का विषय है। बैठक के बाद जिला कार्यकारिणी एवं सभी ब्लॉक इकाइयों के प्रतिनिधि भाजपा कार्यालय पहुंचे और जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता को पूरे मामले से अवगत कराया। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दो माह से शिक्षकों का वेतन समय से निर्गत नहीं हो रहा है, जिससे कई शिक्षकों की बैंक किस्तें बाउंस होने और उनकी बैंकिंग साख प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो रही है। जिलाध्यक्ष ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए वित्त एवं लेखाधिकारी के मूल विभाग जिला विकास अधिकारी से वार्ता की और लंबित देयकों का भुगतान कराने के लिए आवश्यक निर्देश देने को कहा। इसके बाद राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिला संयोजक दुष्यन्त रघुवंशी एवं सह संयोजक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं लेखाधिकारी से जुड़ी भुगतान संबंधी समस्याओं और शिक्षकों के लंबित देयकों का मुद्दा उठाया। जिला विकास अधिकारी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए वित्त एवं लेखाधिकारी से वार्ता कर लंबित देयकों का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि वित्त एवं लेखाधिकारी वर्तमान में प्रशिक्षण के लिए लखनऊ में हैं, इसलिए तत्काल धरना देना उचित नहीं माना गया है। महासंघ ने अब 12 अक्टूबर 2026 तक सभी शिक्षकों के लंबित देयकों का शत-प्रतिशत भुगतान कराने की समयसीमा तय की है। संगठन के मुताबिक यदि निर्धारित समय तक भुगतान नहीं हुआ तो 13 अक्टूबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी यदि 100 प्रतिशत लंबित देयकों का भुगतान नहीं किया गया तो 17 अक्टूबर 2026 को वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना और तालाबंदी की जाएगी। संगठन ने कहा कि शिक्षकों के हितों को लेकर वह अपनी आगामी रणनीति पर मजबूती से आगे बढ़ेगा।
एरियर भुगतान को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने खोला मोर्चा, 17 अक्टूबर को धरने और तालाबंदी की चेतावनी

6.5K views

























































































