बदायूं। प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 69000 भर्ती बैच के बीएड योग्यता धारी शिक्षकों के छह माह के ब्रिज कोर्स में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक की बाध्यता समाप्त करने और इसे केवल विभागीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के रूप में संपन्न कराने की मांग को लेकर शिक्षकों ने आवाज उठाई। जिला संयोजक दुष्यंत रघुवंशी, जिला सहसंयोजक प्रदीप कुमार एवं सोनी गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि 69000 बैच के परिषदीय शिक्षक पिछले करीब छह वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इन शिक्षकों की नियुक्ति उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत पारदर्शिता के साथ की गई थी। शिक्षकों का कहना है कि एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिक स्तर पर कार्यरत बीएड योग्यता धारी शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स निर्धारित किया गया है, लेकिन इसके साथ न्यूनतम उत्तीर्ण अंक की शर्त जोड़ दिए जाने से शिक्षकों के सामने सेवा सुरक्षा को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई है। ज्ञापन में भर्ती के मूल विज्ञापन वर्ष 2018 का हवाला देते हुए कहा गया कि 69000 भर्ती में शिक्षकों का चयन निर्धारित परीक्षा प्रक्रिया के तहत हुआ था। उस समय सेवाकालीन प्रशिक्षण पूर्ण करने का प्रावधान था, लेकिन न्यूनतम उत्तीर्ण अंक के आधार पर सेवा समाप्त किए जाने जैसी शर्त का उल्लेख नहीं था। शिक्षकों ने मांग की कि छह माह के ब्रिज कोर्स को पूर्व में कराए गए विभागीय प्रशिक्षणों की तरह क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण माना जाए और इसे सेवा समाप्ति से जोड़ने वाली किसी कठोर परीक्षा व्यवस्था से मुक्त रखा जाए। शिक्षकों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं करने पर सेवा को लेकर उत्पन्न होने वाली आशंका से शिक्षक मानसिक दबाव में हैं। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण को सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण में कराया जाना चाहिए, ताकि शिक्षक बिना किसी अनावश्यक दबाव के बच्चों की शिक्षा पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। ज्ञापन में महिला शिक्षकों से जुड़े विषय को भी प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षकों का कहना है कि छह माह के ब्रिज कोर्स की नियमावली में मातृत्व अवकाश तथा अन्य विशेष परिस्थितियों में प्रशिक्षण पूरा करने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। ऐसे में महिला शिक्षिकाओं के सामने मातृत्व अवकाश और सेवा सुरक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है। मांग की गई कि इन परिस्थितियों के लिए स्पष्ट प्रावधान किए जाएं।
शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 69000 भर्ती के बीएड योग्यता धारी शिक्षकों के भविष्य और वर्षों की सेवा को ध्यान में रखते हुए छह माह के ब्रिज कोर्स को केवल क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के रूप में कराया जाए तथा न्यूनतम उत्तीर्ण अंक जैसी सेवा सुरक्षा को प्रभावित करने वाली बाध्यता समाप्त की जाए। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की विभिन्न ब्लॉक इकाइयों के अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ 69000 भर्ती के शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे। इस दौरान आदेश कुमार, प्रगति जैन, आदेश, सचिन कुमार, हरिओम यादव, दुर्गेश कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
69000 बैच के बीएड शिक्षकों के छह माह के ब्रिज कोर्स में पासिंग मार्क्स की बाध्यता हटाने की मांग


























































































