बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा करने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में करीब दो माह पहले अखिलेश यादव को पत्र भेजकर जवाब मांगा गया था, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
मौलाना ने जारी बयान में कहा कि पत्र के माध्यम से उन्होंने दो प्रमुख मुद्दों पर अखिलेश यादव से जवाब मांगा था। पहला, 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी मुस्लिम चेहरे की घोषणा और दूसरा, वक्फ संपत्तियों में सपा नेताओं द्वारा करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के आरोपों पर स्पष्टीकरण। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न माध्यमों से पत्र अखिलेश यादव तक पहुंचाया गया, लेकिन अभी तक दोनों मुद्दों पर कोई जवाब नहीं मिला है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि अखिलेश यादव संसद के भीतर और बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवालों का जवाब देने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले अपने स्तर पर भी यह देखना चाहिए कि उनके सामने उठाए गए सवालों का जवाब अब तक क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति प्रधानमंत्री से जवाब मांगता है, उसे स्वयं भी सार्वजनिक रूप से उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। मौलाना ने कहा कि उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी करीब 22 प्रतिशत और यादव आबादी करीब 7 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिए जाने पर विचार होना चाहिए। मौलाना ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में करीब 150 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है। उन्होंने समाजवादी पार्टी से इन सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने और 150 मुस्लिम उम्मीदवारों की घोषणा करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुस्लिम आबादी को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला। मौलाना ने कहा कि आगामी चुनाव में मुस्लिम समाज अपने राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे को नजरअंदाज किए जाने को स्वीकार नहीं करेगा।
अखिलेश यादव से मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा की मांग, वक्फ संपत्तियों के कथित घोटाले पर भी जवाब तलब


























































































