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Uttar Pradesh

अधिवक्ताओं ने ठोकी ताल, सचिव पर उठाए सवाल, बैठे धरने पर

March 27, 2025By admin0 comments
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बरेली । बरेली बार एसोसिएशन के सदस्यों ने 19 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ता शंकर कुमार सक्सेना, अंगन सिंह अंगद, संजय वर्मा ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन सचिव बी.पी. ध्यानी और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ 27 मार्च से शुरू हुआ, जो प्रत्येक गुरुवार और शुक्रवार को दोपहर 1:30 से 4:30 बजे तक जारी रहेगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, यह प्रदर्शन अनवरत चलता रहेगा। इस आंदोलन के पीछे बार एसोसिएशन में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवैधानिक अधिकारों की बहाली की मांग प्रमुख है।
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगों में बार एसोसिएशन को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्ध करना, कार्यकाल को एक वर्ष तक सीमित करना, आय-व्यय का सार्वजनिक खुलासा, मैनेजिंग कमेटी और जनरल हाउस की बैठक बुलाना शामिल है। इसके अलावा, चुनाव में झूठे घोषणा पत्र जारी करने वालों को सबक सिखाने और सचिव द्वारा अपने समर्थकों को लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच की मांग भी उठाई गई है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि सचिव बी.पी. ध्यानी ने अपने पांच साल के कार्यकाल में 400 से अधिक खाली चैंबरों का आवंटन नहीं किया और अपने चुनावी एजेंट आनंद रस्तोगी के साथ मिलकर सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक की अनधिकृत कमाई की।
बरेली बार के सदस्यों ने यह भी मांग की है कि निर्वाचित पदाधिकारियों को उनके संवैधानिक अधिकार वापस मिलें, दैनिक आय बैंक खाते में जमा हो, और सभी कार्य निविदा व गजट के माध्यम से हों। इसके साथ ही मतदाता सूची को बार काउंसिल से सत्यापित करने, मृत व बीमार अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता (बीमारी में 50 हजार और मृत्यु पर 2 लाख रुपये) दिलाने और हापुड़-गाजियाबाद प्रकरण में हड़ताल से हुई आर्थिक क्षति की भरपाई की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सचिव और उनके समर्थकों ने बार एसोसिएशन को लूट का अड्डा बना दिया है, जिसे मुक्त कराने के लिए यह आंदोलन जरूरी हो गया था। आंदोलनकारी अधिवक्ताओं ने सचिव पर तंत्र विद्या जैसे अनैतिक तरीकों से सत्ता हासिल करने का भी आरोप लगाया और कहा कि वे इसे भुलाने नहीं देंगे। यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक बार एसोसिएशन को पारदर्शी, लोकतांत्रिक और भ्रष्टाचार मुक्त नहीं बनाया जाता। यह आंदोलन न केवल अधिवक्ताओं के अधिकारों की लड़ाई है, बल्कि बार एसोसिएशन की गरिमा को पुनर्स्थापित करने का भी संकल्प है।
धरने में जितेंद्र कुमार गौतम, हरि प्रकाश, सचिन सिंह, दिनेश कुमार,मोहम्मद शाकिर, नीरज संघर्षी, ओंमकार सिंह, दिनेश सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह आदि मौजूद थे।

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