ईपीएस 95 पेंशनर्स में भारी रोष, प्रदर्शन के बाद क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को सौंपा ज्ञापन।
बरेली। ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति बरेली मंडल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आव्हान पर ईपीएफओ कार्यालय बरेली पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष ओ पी शर्मा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी न्यूनतम पेंशन वृद्धि की मांग बार – बार केंद्र सरकार के आश्वासन दिये जाने के बाद भी मंजूर नहीं करने से देश भर के लगभग 78 लाख पेंशनर्स में भारी रोष व्याप्त है। आज बरेली मंडल के पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर और बरेली जिलों के पेंशनर्स ने कर्मचारी भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय के समक्ष धरना – प्रदर्शन कर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को लम्बे समय से लंबित अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर श्रम मंत्री, भारत सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन दिये जाने से पहले बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने जोरदार प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की । प्रदर्शनकारी “नहीं किसी से भीख मांगते, हम अपना अधिकार मांगते,” ज्येष्ठ भारत – श्रेष्ठ भारत, लड़ेंगे – जीतेंगे, जो वृद्धों का सम्मान करेगा – वही दिलों पर राज करेगा, आदि नारे लगा रहे थे। ज्ञात रहे कि पेंशनर्स अपनी मुख्य मांगे है न्यूनतम पेंशन रुपये 1000/- से बढ़ाकर 7500/- + डी ए किये जाने, 2- पति – पत्नी को मुफ्त में चिकित्सा सुविधा दिये जाने, 3- पेंशन से वंचितों को रुपये 5000/- प्रतिमाह गुजारा भत्ता दिये जाने की मांगों लेकर आंदोलित हैं। संगठन के बुलढाणा( महाराष्ट्र) स्थित मुख्यालय पर पिछले 2282 दिनों से क्रमिक अनशन भी चल रहा है, लेकिन सरकार द्वारा बार – बार आश्वासन दिये95 जाने के बाद भी पेंशनर्स की मांगे नहीं मानी जा रही हैं।
प्रान्तीय उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद लोधी ने बताया कि यदि सरकार द्वारा मांगे नहीं मानी गईं तो मजबूर होकर आर – पार लड़ाई के लिए बड़ा आंदोलन करने के लिए पेंशनर्स तैयार हैं। आज पहले चरण के अन्तर्गत क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त के माध्यम से श्रम मंत्री भारत सरकार को ज्ञापन दिये जाने के साथ उक्त ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री , वित्त मंत्री भारत सरकार और केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त नयी दिल्ली को भी भेजी गई हैं। इस अवसर पर पेंशनर्स की सभा को सर्वश्री उमेश चंद्र जौहरी मंडल सचिव, चिरंजीव गौड़, आर एस गुप्ता , आर के मिश्रा, तेज प्रकाश अरोरा, के सी शर्मा, सुधीर कुमार उपाध्याय, नरेन्द्र प्रकाश सक्सेना, राकेश कुमार गुप्ता, के एम त्रिपाठी, साबिर हुसैन, रघुवीर यादव,असलम खान, पी के गोयल, रियासत हुसैन, डी पी निराला आदि आदि ने भी विचार व्यक्त किये।













































































