बदायूँ: जिलाधिकारी अवनीश राय ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित मध्याह्न भोजन योजना में परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन के अंतर्गत मीठा हलवा एवं उपमा (नमकीन हलवा) वितरित करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के तीसरे सप्ताह तक संचालित की जाएगी। डीएम ने निर्देश दिए कि सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन का वितरण प्रत्येक शुक्रवार को किया जाए। शुक्रवार को विद्यालय बंद होने की स्थिति में आगामी कार्यदिवस में इसका वितरण किया जाएगा। माह के प्रथम एवं तृतीय सप्ताह में मीठा हलवा तथा द्वितीय, चतुर्थ एवं पंचम सप्ताह में उपमा वितरित किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर रसोइयों द्वारा प्रत्येक छात्र के लिए न्यूनतम 30 ग्राम सूजी एवं अन्य आवश्यक सामग्री से हलवा अथवा उपमा तैयार किया जाएगा।
सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन का वितरण विद्यालय में मध्याह्न भोजन के समय किया जाएगा। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री तथा यथासंभव पैक्ड सामग्री का उपयोग किया जाएगा। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों का ध्यान रखा जाएगा। खाद्य सामग्री का भंडारण उचित तरीके से करते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
मीठा हलवा एवं उपमा तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री जैसे दाल, सब्जी, तेल, मसाले, नमक, दूध एवं फल आदि की तरह स्थानीय स्तर पर क्रय किए जा सकेंगी। विद्यालयों में मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की भांति सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन प्राप्त करने वाले बच्चों का तिथिवार विवरण रखा जाएगा तथा साक्ष्य के रूप में फोटोग्राफ भी सुरक्षित रखे जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि व्यय के सापेक्ष धनराशि का विद्यालय स्तर पर संचालित मध्याह्न भोजन निधि खातों में स्थानांतरण किया जाए। इसके अतिरिक्त मीठा हलवा एवं उपमा पकाने व वितरित करने के लिए विद्यालय में कार्यरत रसोइयों को प्रति छात्र प्रति विद्यालय दिवस दो रुपये की दर से अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा। जनपद एवं विकासखंड स्तर पर टास्क फोर्स के माध्यम से योजना के क्रियान्वयन का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों, मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं संबंधित स्वयंसेवी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निगरानी एवं निरीक्षण भी किया जाएगा।
बच्चों को मिलेगा सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन

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