बदायूं। शहर के भामाशाह चौराहे और पुलिस लाइन चौराहे पर कथित अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन के विरोध में गुरुवार को जिला बस ऑपरेटर यूनियन के बैनर तले बस संचालकों ने प्रदर्शन किया। बस ऑपरेटरों ने सुबह सात बजे से बसों का संचालन बंद कर दिया और सुबह 10 बजे यूनियन अध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में भामाशाह चौराहे पर अनशन शुरू कर दिया। करीब दोपहर 12 बजे यातायात के उपाधीक्षक सुनील सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर अवैध डग्गामार स्टैंड हटाने और वहां से अवैध वाहनों का संचालन बंद कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद बस ऑपरेटरों ने अनशन समाप्त कर बसों का संचालन फिर शुरू कर दिया। जिला बस वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि बस ऑपरेटर पिछले करीब एक वर्ष से इस समस्या को लेकर सक्षम अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं और अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद भामाशाह चौराहे और पुलिस लाइन चौराहे के आसपास कथित अवैध डग्गामार वाहनों का संचालन जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चौराहे से टेंपो, ईको और टिर्री सहित ऐसे वाहन संचालित हो रहे हैं, जिनके पास निर्धारित मार्ग का वैध परमिट नहीं है। जिन वाहनों के पास परमिट हैं, उनमें भी कुछ के परमिट की शर्तें निर्धारित क्षेत्र या मार्ग तक सीमित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका परमिट वाले वाहन भी नियमों के विपरीत रास्ते में सवारियां बैठा और उतार रहे हैं। ओमकार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद अवैध बस स्टैंडों के संचालन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने यातायात पुलिस की मौजूदगी में ऐसे वाहनों के संचालन पर भी सवाल उठाए और मामले में कार्रवाई की मांग की।
एक सप्ताह बाद फिर आंदोलन की चेतावनी
ओमकार सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर भामाशाह चौराहे से अवैध डग्गामार स्टैंड नहीं हटाया गया तो 5 नवंबर 2026 को प्राइवेट बसों का चक्का जाम किया जाएगा। इसके बाद बस ऑपरेटर अपनी रोजी-रोटी की रक्षा के लिए बसों को खड़ा कर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि बस संचालक इस मुद्दे पर अब निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं।
ये रहे मौजूद
अनशन स्थल पर जिला बस ऑपरेटर यूनियन के उपाध्यक्ष भारत गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल रस्तोगी, महासचिव मुस्ताहिद खान, जिला सचिव पप्पू फारुकी, साजिद अली, मिंटू गुप्ता, नरेंद्र पाल सिंह, श्याम कुमार सिंह, विनोद कुमार, हसन खान, प्रदीप गुप्ता, रामेश्वर, रईसुल भाई, बख्तियारुद्दीन, प्रेमपाल, नरेश पाल सिंह और कल्याण गुप्ता सहित सैकड़ों बस मालिक एवं बस स्टाफ मौजूद रहे।


























































































