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बदायूँ। विद्या भारती से संबद्ध शिव देवी सरस्वती शिशु मन्दिर, सिविल लाइन्स में दुर्गाष्टमी एवं विजयदशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहिनों ने गीत, भाषण एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धर्म और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रमाध्यक्ष आचार्य लालाराम वर्मा, मुख्य वक्ता राकेश कुमार मिश्रा एवं प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इसके पश्चात मां दुर्गा एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चित्रों पर पुष्पार्चन करत श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत भैया-बहिनों ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंग प्रस्तुत किए तथा मां दुर्गा के भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
मुख्य वक्ता राकेश कुमार मिश्रा ने विजयदशमी पर्व के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया और सदैव सत्य एवं धर्म का मार्ग अपनाया। विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और जीवन में सदाचार अपनाने की प्रेरणा देता है। विद्यालय के व्यवस्थापक एडवोकेट वीरेंद्र पाल झा ने सभी भैया-बहिनों को दुर्गाष्टमी एवं विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन पर्वों से हमें कठिन परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की शिक्षा मिलती है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही हम अपने जीवन को संस्कारवान एवं श्रेष्ठ बना सकते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने कहा कि मां दुर्गा शक्ति, साहस एवं धर्म की रक्षा की प्रतीक हैं। वे दुष्ट शक्तियों के विनाश और भक्तों की रक्षा का संदेश देती हैं। वहीं, भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय अधर्म के अंत और धर्म की स्थापना का प्रतीक है। इन पर्वों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, साहस एवं संस्कारों का विकास करना है। कार्यक्रमाध्यक्ष आचार्य लालाराम वर्मा ने अपने आशीर्वचन में कहा कि विजयदशमी विजय, सत्य और धर्म की प्रतिष्ठा का पर्व है। सभी भैया-बहिनों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर अच्छे चरित्र, अनुशासन एवं संस्कारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन आचार्य कौशल किशोर पाठक एवं शिशु भारती के पदाधिकारी भैया-बहिनों ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य भोलेनाथ पाठक, रूपेंद्र सिंह, सुबोध मिश्रा, अविलेश यादव, निरंजन सिंह, नरेशपाल सिंह, राहुल शर्मा, राजीव कुमार सिंह, अनुराग मिश्रा, सुमन शर्मा, नूतन कुमारी, रिया राजपूत, ज्योत्सना सिंह, पूजा शर्मा, अंचल पाठक, कंचन गुप्ता सहित समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।























