उझानी संगीत की धुनों पर थिरकते नन्हे कदम, चेहरों पर आत्मविश्वास और तालियों की गड़गड़ाहट! शनिवार को एस्सेल ओडियन पब्लिक स्कूल, उझानी में छह दिवसीय ‘EsselKidz Fun Fiesta 2026’ का समापन रंगारंग ‘Essel Dance Challenge’ प्रतियोगिता के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंध निदेशक एवं जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय प्रशिक्षक सुधांशु गुप्ता ने किया। प्रतियोगिता का विशेष आकर्षण विद्यालय की पूर्व छात्रा याशी मित्तल रहीं, जो स्वयं एस्सेल एवं जेसीआई डांस चैलेंज की विजेता रह चुकी हैं। जिस मंच पर कभी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई थी, आज उसी मंच पर निर्णायक बनकर नन्ही प्रतिभाओं का मूल्यांकन किया।
डांस के स्टेप्स से ‘सक्सेस के स्टेप्स’ तक!
प्रबंध निदेशक सुधांशु गुप्ता ने कहा—“बच्चों के कदम छोटे हो सकते हैं, लेकिन उनके सपनों की उड़ान असीमित है। नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, एकाग्रता, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मंच की झिझक दूर करना, गलतियों से सीखना और दोबारा बेहतर प्रदर्शन करना ही वास्तविक ‘Mindset Rewiring’ और ‘Confidence Engineering’ है। हमारा उद्देश्य केवल विजेता बनाना नहीं, बल्कि हर बच्चे को जीवन की चुनौतियों के लिए आत्मविश्वासी बनाना है।”
नन्हे कलाकारों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग!
प्लेग्रुप (पीजी)
प्रथम स्थान – युगांश
द्वितीय स्थान – अविन
तृतीय स्थान – रेयांश
सांत्वना पुरस्कार – सुधाकर
एलकेजी
प्रथम स्थान – रिधम
द्वितीय स्थान – प्रियंका
तृतीय स्थान – मिशिका एवं शान्वी
सांत्वना पुरस्कार – आरोही
यूकेजी
प्रथम स्थान – अनाया
द्वितीय स्थान – कौशिकी
तृतीय स्थान – तृषा
सांत्वना पुरस्कार – डिंपल
छह दिन, अनेक अनुभव और सीखने की अनगिनत उपलब्धियाँ!
12 अक्टूबर से प्रारंभ हुए फन फिएस्टा में फैंसी ड्रेस, चित्रकला, गणितीय पहाड़ों, डिक्टेशन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, एकाग्रता, भाषाई दक्षता और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाचार्य विमल सिंह, अक्षय सक्सेना, पूजा यादव सहित गुंजन महेश्वरी, रितिका शर्मा, प्रियंका साहू, अनामिका, हिमांशी, मेघा, लवी, कशक, सोनी, कुसुम, रोशन, सृष्टि सिसौदिया, सृष्टि अग्रवाल, कशिश, श्वेता, प्रियंका माथुर, प्रत्यांशी एवं आकांक्षा आदि का सराहनीय सहयोग रहा। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
“प्रतियोगिता का समापन हुआ, लेकिन सपनों की उड़ान जारी है! क्योंकि एस्सेल में हर प्रयास एक नई सीख और हर चुनौती सफलता की नई सीढ़ी है!”


























































































