बरेली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। बर्तन बजाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों का धरना दूसरे दिन भी सीएमओ कार्यालय में जारी रहा। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे संविदा कर्मियों को नियमित करने और समान कार्य-समान वेतन लागू होने तक मौजूदा वेतन में तत्काल बढ़ोतरी की मांग उठाई है। मनोज कुमार और अनुज मिश्रा की ओर से भेजे गए ज्ञापन में 10 लाख रुपये तक की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ में नियोक्ता का अंशदान, मकान किराया भत्ता और ग्रेच्युटी देने की मांग की गई है। इसके अलावा कर्मचारियों के पद सृजित करने, स्थानांतरण नीति बहाल करने और सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों ने आउटसोर्स कर्मियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने और नियमित भर्तियों में एन एच एम कर्मचारियों के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की है। उनका कहना है कि संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों समेत प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने सेवाएं दीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। शुक्रवार को धरना में बर्तन बजाकर प्रदर्शन किया इसके तहत 5 से 7 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर विरोध किया , 8 , 9 और 10 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार और 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है। धरना दूसरे दिन भी जारी रहने से कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। धरना में अनुज मिश्रा , डॉक्टर राहुल बाजपेई, डॉक्टर ऋषभ , अमरीश , मनोज , डॉक्टर अतुल शर्मा , कुमारी बिंदु शर्मा , पंकज सिंह , सुरेंद्र कुमार , सुनील चौबे , डॉक्टर मनमोहन आदि मौजूद रहे।
10 लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा , महंगाई भत्ता, मकान किराया सहित कई मांगो को लेकर धरना जारी

6.4K views

























































































