बरेली। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा नाथ नगरी बरेली के रामलीला ग्राउंड में आयोजित की जा रही भगवान शिव कथा के पंचम दिवस कथाव्यास डॉ. सरवेश्वर जी ने महापार्वतिश्वर हिमालयराज की शक्तिस्वरूपा पुत्री पार्वती जी का भगवान शिव के संग विवाह प्रसंग प्रस्तुत किया। जो कि गूढ़ अध्यात्मिक संदेश समेटे हुए है। माता पार्वती जीवात्मा का प्रतीक हैं और भगवान शिव साक्षात् परब्रह्म परमेश्वर के। हम समस्त जीवों का उस परमात्मा के साथ मिलन किस प्रकार संभव है? जैसे नारद जी माँ पार्वती के गुरु बन कर आए। ठीक ऐसे ही, हमें भी अपने जीवन में नारद जी जैसे एक ब्रह्मनिष्ठ तत्ववेत्ता सद्गुरु का सान्निध्य चाहिए जिनके कृपाहस्त तले हम उस ईश्वर अर्थात् शिव का साक्षात्कार कर पाएंगे। इसी के साथ कथाव्यास जी ने समाज में प्रचलित एक धारणा का भी खंडन करते हुए कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि भगवान शिव के विवाह में नंदी-भृंगी इत्यादि समस्त शिवगण अत्यंत प्रसन्न होकर भांग की मस्ती में झूम उठे थे और उसी का अनुसरण करते हुए आज लोग भी महाशिवरात्रि पर नशों का सेवन करते हैं। यह हमारे समाज की विडंबना है कि भगवान शिव के नाम पर हम ईश्वर के उस अमृत रस को छोड़कर सांसारिक नशों का पान करते हैं। हमारे शास्त्र ग्रंथ कहते हैं कि जिसमें क्षण मात्र की भी शांति नहीं है, वह नशा है। यही तो कारण है आज इन नशों ने लोगों की शांतपूर्ण गृहस्थी को भी अशांत कर दिया है। कहीं परपंच फूट रहे हैं और कहीं रिश्ते टूट रहे हैं। न जाने कितने ही हँसते-खेलते परिवार तलाक की वेदी पर बलि चढ़ रहे हैं। आज भारतीय समाज का सारा ताना-बाना ही तहस-नहस होने के कगार पर आ खड़ा हुआ है। ऐसे में ये अत्यंत आवश्यक है कि हम अज्ञानता की गूढ़ नींद से जागें। अगर नशा करना ही है तो वो नशा करें जो भारत की धरती के सच्चे भक्तों ने किया; ब्रह्मज्ञान का नशा, भोलेनाथ की भक्ति का नशा। जब गुरु-कृपा से ब्रह्मज्ञान द्वारा हम अपने घट में भोलेनाथ का दर्शन प्राप्त करेंगे तो मन स्वतः ही प्रभु नाम की मस्ती में झूम उठेगा। तब ये सांसारिक नशे हमें लुभाएंगे नहीं और हमारा मन उत्तम आदर्श व संयम के पंख लगाकर अध्यात्म के आकाश में उन्मुक्त उड़ान भरेगा। और फिर हमारी गृहस्थी भी शिव-परिवार की तरह शांति, सामंजस्य व सौहार्द्र की अनुपम झाँकी बन जाएगी। इस अवसर पर कथा पंडाल में शिव बारात की झाँकी को प्रस्तुत किया गया। जिसमें भक्तों ने नृत्य कर खूब आनंद लूटा। शिव कथा से पूर्व सुबह के सत्र में योगाचार्य अमर प्रकाश शर्मा व सीमा वर्मा ने योग सिखाया। इस अवसर पर निशांत चौहान, धर्म प्रकाश,लखन सिंह गंगवार, मुदित मिश्रा,खेमपाल साहू,राजेश मिश्रा,निकिता शुक्ला,सुमित गंगवार,
भूप सिंह,कृष्ण वीर गंगवार,हरकेश सिंह, प्रेम प्रकाश अग्रवाल वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, डॉ बृजेश, रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज ने स्वास्थ्य सिविल लगाया। मीडिया प्रभारी हरीश भट्ट,विवेक मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
भगवान शिव ने नहीं किया कभी भांग का नशा – डॉ. सरवेश्वर

6.4K views

























































































