बदायूं। जिले में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण उमस और गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। 25 सितंबर की सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। शुक्रवार रात करीब आठ से नौ बजे के बीच शुरू हुआ बारिका सिलसिला शनिवार दोपहर तक थमने का नाम नहीं ले रहा था। लगातार हो रही हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन दूसरी ओर लगातार बारिश ने जिले में जनजीवन की रफ्तार काफी धीमी कर दी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा बेहद कम आवाजाही दिखाई दी। बाजारों में भी अधिकांश दुकानों के शटर नहीं खुले और जहां दुकानें खुलीं, वहां ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। बारिश के कारण सरकारी कार्यालयों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कम चहल-पहल दिखाई दी और शहर के प्रमुख मार्गों पर सन्नाटा सा पसरा रहा।
मौसम में आए इस बदलाव के बीच प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाई है। मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। उपलब्ध मौसम रिपोर्टों के अनुसार बदायूं को ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में रखा गया है, जबकि बरेली, रामपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी में बारिश के साथ तेज झोंकेदार हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना भी जताई गई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका बताई गई है।

बारिश के कारण जिले के शैक्षणिक संस्थानों पर भी असर पड़ा है। बदायूं में जिलाधिकारी के आदेश के बाद 26 सितंबर को कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में शिक्षकों और स्टाफ को विभागीय कार्य के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर शहर की सड़कों और बाजारों पर दिखाई दिया। शुक्रवार रात से बारिश जारी रहने के कारण शनिवार सुबह से ही लोगों की आवाजाही कम रही। आमतौर पर सुबह से गुलजार रहने वाले बाजारों में दुकानों के शटर कम संख्या में उठे। कई दुकानदारों ने मौसम को देखते हुए दुकान खोलने से परहेज किया। बारिश के कारण रेहड़ी-पटरी और ठेला कारोबार करने वालों का काम भी प्रभावित हुआ। रोजाना कमाई पर निर्भर छोटे दुकानदारों और मजदूरों के लिए लगातार बारिश परेशानी का कारण बनी। दूसरी ओर चाय, पकौड़ी और गर्म खाद्य पदार्थों की दुकानों पर मौसम के चलते कुछ स्थानों पर लोगों की आवाजाही देखी गई।
शहर के प्रमुख मार्गों पर भी वाहनों की संख्या कम दिखाई दी। दोपहिया वाहन चालकों ने बारिश के कारण घर से निकलने से बचना बेहतर समझा। जरूरी काम से निकलने वाले लोग ही छाता और रेनकोट के साथ सड़कों पर दिखाई दिए। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में नगर के निचले हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा भी होगी।कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए बारिश राहत लेकर आई है। तापमान में गिरावट के कारण दिन के समय महसूस होने वाली गर्मी काफी कम हुई है। मौसम में ठंडक आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। बच्चों और बुजुर्गों को भी उमस से राहत मिली है। वहीं बारिश के कारण वातावरण में धूल और गर्मी का असर कम हुआ है। पेड़-पौधों और खेतों के लिए भी बारिश फिलहाल उपयोगी मानी जा रही है।हालांकि लगातार बारिश हर वर्ग के लिए केवल राहत नहीं है। किसानों के लिए बारिश जहां खेतों में नमी बढ़ाने और सिंचाई की जरूरत कम करने में मददगार साबित हो सकती है, वहीं जरूरत से ज्यादा पानी फसलों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। जिन खेतों में पहले से पर्याप्त नमी है, वहां पानी भरने से फसल की जड़ों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। निचले खेतों में जलभराव होने की स्थिति में सब्जियों और अन्य संवेदनशील फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को खेतों में पानी की निकासी पर नजर रखने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि 27 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है। राष्ट्रीय मौसम रिपोर्टों में भी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश तथा गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।मौसम में आए इस बदलाव की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य स्तर पर रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की गई है। अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली, तेज हवाओं, जलभराव और फिसलन भरी सड़कों का है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और दृश्यता कम होने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
कुल मिलाकर कई दिनों की भीषण उमस और गर्मी के बाद बदायूं में शुरू हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। तापमान नीचे आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन लगातार बारिश के कारण बाजार, कारोबार, सरकारी कामकाज और यातायात प्रभावित हुआ है। जिले में ऑरेंज अलर्ट और आसपास के जिलों में रेड अलर्ट के बीच अगले 24 से 48 घंटे खासे महत्वपूर्ण हैं। बारिश की स्थिति, जलभराव और तेज हवाओं पर प्रशासन तथा आम लोगों को लगातार नजर रखनी होगी। फिलहाल आसमान बादलों से घिरा है, बारिश जारी है और बदायूं का जनजीवन मौसम की इस करवट के साथ धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।


























































































