बरेली। थाना किला क्षेत्र के स्वालेनगर नवदिया में एक पुराने मकान का लिंटर तोड़ते समय अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में काम कर रहे दो मजदूर मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का आरोप है कि उन्होंने मकान मालिक से लिंटर तोड़ने से पहले सपोर्ट लगाने की मांग की थी, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। हादसे के बाद दोनों घायलों ने थाना किला पहुंचकर मकान मालिक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, स्वालेनगर नवदिया निवासी राजेंद्र (45) पुत्र चेतराम और मुन्ना उर्फ हसीब (20) पुत्र रफीक राणा पब्लिक स्कूल के पास मस्जिद के निकट स्थित शाहिद के पुराने मकान को तोड़ने का काम करने गए थे। मजदूरों का कहना है कि मकान का लिंटर काफी पुराना और कमजोर था। काम शुरू करने से पहले उन्होंने मकान मालिक शाहिद को लिंटर की खराब स्थिति बताते हुए सपोर्ट लगवाने के लिए कहा था, लेकिन आरोप है कि मकान मालिक ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया और मकान तोड़ने की जिम्मेदारी खुद लेने की बात कही।
मजदूरों के मुताबिक, काम शुरू हुए अभी कुछ ही मिनट हुए थे कि अचानक पुराना लिंटर भरभराकर नीचे गिर पड़ा। इसकी चपेट में आकर राजेंद्र और हसीब मलबे के नीचे दब गए। हादसे में राजेंद्र जाटव के पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हुआ है दोनों के गम्भीर चोटे आई हैं। फिलहाल राजेंद्र का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि हसीब को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायल राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने पहले ही लिंटर की जर्जर हालत को देखते हुए काम करने से मना किया था और सुरक्षा के लिए सपोर्ट लगाने की मांग की थी। इसके बावजूद काम कराया गया। उनका आरोप है कि हादसे के बाद मकान मालिक ने उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय निजी स्तर पर इलाज कराने की बात कही। राजेंद्र का कहना है कि उनके परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
राजेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें करीब तीन महीने तक इलाज चलने की बात बताई है। मजदूर का कहना है कि वह गरीब परिवार से है और उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं। ऐसे में लंबे इलाज का खर्च उठाना उसके लिए मुश्किल है।
दोनों घायल मजदूरों ने थाना किला में मकान मालिक शाहिद के खिलाफ तहरीर देकर पूरे मामले में कार्रवाई करने और इलाज का खर्च दिलाने की मांग की है। फिलहाल मजदूरों की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।


























































































