बरेली। बरेली बार एसोसिएशन, बरेली के आगामी चुनाव निर्धारित समय पर कराने की मांग तेज हो गई है। अधिवक्ता शंकर कुमार सक्सेना ने सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, बरेली मंडल को प्रार्थना पत्र देकर बार एसोसिएशन की पूरी कार्यकारिणी के चुनाव दिसंबर 2026 में नियमानुसार संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्धता के नवीनीकरण, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा कथित अनियमितताओं की जांच से संबंधित मुद्दे भी उठाए हैं।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, बरेली बार एसोसिएशन का बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्धता का नवीनीकरण 3 मई 2026 को कराया गया था। पत्र में कहा गया है कि संबद्धता के नवीनीकरण के बाद मॉडल बायलॉज के प्रावधानों के अनुपालन के तहत चुनाव निर्धारित समय में कराना आवश्यक है। अधिवक्ता शंकर कुमार सक्सेना का तर्क है कि चुनाव की समय-सीमा पूर्व में हुए चुनाव से जोड़ी जानी चाहिए, न कि केवल संबद्धता की तिथि से।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बार एसोसिएशन का पिछला चुनाव दिसंबर 2025 में हुआ था। ऐसे में दिसंबर 2026 तक नई कार्यकारिणी के चुनाव कराए जाने की मांग की गई है। सक्सेना ने आरोप लगाया है कि वर्तमान पदाधिकारियों की ओर से अभी तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे अधिवक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रार्थना पत्र में पिछले चुनाव के दौरान चुनाव पैनल में समर्थकों को शामिल करने, कथित फर्जी वोटिंग तथा वोटर लिस्ट में अन्य बार एसोसिएशनों के सदस्यों के नाम शामिल किए जाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। पत्र में फर्जी सी.ओ.पी संख्या दर्ज कर मतदाता बनाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ये आरोप प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं
शंकर कुमार सक्सेना ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले चुनाव में कथित अनियमितताओं के बावजूद चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने मांग की है कि आगामी चुनाव निर्धारित समय पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएं, ताकि सभी अधिवक्ताओं को समान अवसर मिल सके।
प्रशासन से की गई ये प्रमुख मांगें
अधिवक्ता शंकर कुमार सक्सेना ने अपने प्रार्थना पत्र में मांग की है कि बरेली बार एसोसिएशन की पूरी कार्यकारिणी के चुनाव दिसंबर 2026 में मॉडल बायलॉज एवं लागू नियमों के अनुरूप कराए जाएं। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और मतगणना को नियमों के अधीन रखते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
शंकर कुमार सक्सेना ने अपने पत्र में कहा है कि अधिवक्ताओं की मांगों और बार के लोकतांत्रिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए चुनाव समय पर कराना आवश्यक है। अब इस प्रार्थना पत्र पर संबंधित प्रशासन की कार्रवाई और आगामी चुनाव की तिथि घोषित होने का इंतजार है।


























































































