मुख्य समाचार पर जाएँ
Monday, 26 October 2026
SKS24NEWSNational Hindi Digital News Networkख़बर वही, जो सच बताए!
देश की आवाज़स्थानीय खबरें · राजनीति · शिक्षा · खेल
🌙 21.9 °C साफ · बदायूँ
🥇 सोना ₹1,44,990.00 / 10 ग्राम
🥈 चांदी ₹2,20000/ किलो
सुर्खियाँ
Uttar Pradesh

बदायूं में भाजपा को बड़ा सियासी झटका, कुशाग्र सागर और सिनोद शाक्य सपा में शामिल

October 26, 2026By admin0 comments
👁 6.9K views
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
previous arrow
next arrow

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में सोमवार को बदायूं से जुड़ा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। बिसौली के पूर्व भाजपा विधायक कुशाग्र सागर और दातागंज से दो बार विधायक रहे सिनोद कुमार शाक्य समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में दोनों नेताओं ने सदस्यता ग्रहण की। इनके साथ म्याऊं ब्लॉक प्रमुख के देवर केसी शाक्य सहित विभिन्न दलों के कई नेताओं ने भी सपा का दामन थामा। विधानसभा चुनाव से पहले बदायूं में हुए इस घटनाक्रम से जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
कुशाग्र सागर और सिनोद शाक्य के सपा में शामिल होने को जिले की राजनीति में नए समीकरणों के उभरने के रूप में देखा जा रहा है। दोनों नेता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक पहचान रखते हैं। ऐसे में सपा को दातागंज और बिसौली में संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों नेताओं की भूमिका, टिकट की दावेदारी और पार्टी की ओर से दी जाने वाली जिम्मेदारी को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सिनोद कुमार शाक्य की राजनीतिक यात्रा कई दलों से होकर गुजरी है। वह वर्ष 2007 और 2012 में बसपा के टिकट पर दातागंज विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। वर्ष 2021 में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उस दौरान उनकी पत्नी सुनीता शाक्य को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया गया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने सिनोद शाक्य के बजाय कैप्टन अर्जुन सिंह यादव को दातागंज से प्रत्याशी बनाया। बाद में विधान परिषद चुनाव में सपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया, लेकिन उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। अब करीब साढ़े चार साल बाद उनकी सपा में वापसी हुई है।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-12-28at122820
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at122213
previous arrow
next arrow

वहीं, कुशाग्र सागर ने वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर बिसौली विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी आशुतोष मौर्य ने उन्हें 1,834 मतों के अंतर से पराजित कर दिया था। हाल ही में कुशाग्र ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उन्होंने संगठन में करीब 11 साल तक जुड़े रहने के बावजूद सम्मान और अपनापन नहीं मिलने की बात कही थी। अब उनके सपा में शामिल होने से बिसौली की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने नए साथियों का स्वागत करते हुए पीडीए को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए लोगों के जुड़ने से पूरब से पश्चिम तक राजनीतिक हलचल मची है और आने वाले समय में जीत बड़ी होने जा रही है। बसपा से आए दारा सिंह प्रजापति सहित अन्य नेताओं का स्वागत करते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय और कांशीराम के विचारों का भी उल्लेख किया। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त की जाएगी। सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे और गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के साथ जिनके पास घर नहीं हैं, उनके लिए मकान बनवाने की व्यवस्था की जाएगी।
पूर्व सांसद सलीम शेरवानी ने बदायूं की सभी विधानसभा सीटों पर सपा की जीत का दावा किया। वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि पार्टी में लगातार नए लोग शामिल होते रहेंगे और किसी को निराश नहीं किया जाएगा। अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कुशाग्र सागर और सिनोद शाक्य के सपा में आने से आगामी विधानसभा चुनाव में बदायूं के राजनीतिक समीकरण किस तरह बदलते हैं।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow

यह भी पढ़ें

Home
Live TV
VIDEO NEWS
+ Create
Verified by MonsterInsights