ऋतु परिवर्तन के साथ श्रीरामलला के दर्शन समय में बदलाव, 1 नवंबर से नई व्यवस्था लागू
October 26, 2026By admin0 comments
👁6.4K views
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
WhatsAppImage2026-08-15at31412PM
WhatsAppImage2026-02-15at42246PM
WhatsAppImage2025-01-28at185417
WhatsAppImage2026-04-18at13010PM
WhatsAppImage2024-05-04at205835
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM
WhatsAppImage2024-01-16at121909
WhatsAppImage2025-04-15at90710PM
WhatsAppImage2023-06-02at74514PM1
IMG-20240118-WA0003
WhatsAppImage2023-01-27at82310PM
Screenshot286
WhatsAppImage2023-01-23at31821PM1
Screenshot500
WhatsAppImage2023-05-04at112513AM
WhatsAppImage2023-01-04at122336PM
WhatsAppImage2024-02-05at181335
Screenshot247
WhatsAppImage2023-01-29at22819PM
WhatsApp-Image-2022-10-26-at-44911-PM-1024x569
imgonline-com-ua-resize-WIwUWE3jYK6r
CoolerImporiumPDF1pdf
WhatsAppImage2026-03-25at13839PM
alphabetschool
अयोध्या। ऋतु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में विराजमान प्रभु श्रीरामलला सरकार की दैनिक पूजा, आरती, भोग, विश्राम एवं दर्शन की समय-सारणी में संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था रविवार, 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसके तहत मंदिर के पट खुलने और बंद होने के समय में बदलाव किया गया है। वर्तमान में मंदिर के पट सुबह 3:45 बजे खुलते हैं और रात 10:30 बजे बंद होते हैं, जबकि नई व्यवस्था में पट सुबह 4 बजे खुलेंगे और रात 10 बजे बंद होंगे। नई समय-सारणी के अनुसार, सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद 4:30 से 4:40 बजे तक मंगला आरती होगी। इसके बाद सुबह 4:40 से 6:30 बजे तक अभिषेक, श्रृंगार, धूप-दीप एवं नैवेद्य के लिए पट बंद रहेंगे। सुबह 6:30 बजे श्रृंगार आरती होगी और 7 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे। सुबह 8 से 8:10 बजे तक बालभोग के लिए पट बंद रहेंगे। इसके बाद 11:30 बजे तक दर्शन जारी रहेंगे। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राजभोग की प्रक्रिया होगी और दोपहर 12 बजे राजभोग आरती होगी। दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक प्रभु श्रीरामलला विश्राम करेंगे। इसके बाद पुजारी प्रवेश एवं अल्पभोग की प्रक्रिया पूरी होने पर दोपहर 1:35 बजे से दर्शन दोबारा शुरू होंगे।