बरेली । अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन आज बरिष्ठ साहित्यकार निरुपमा अग्रवाल के प्रभात नगर स्थित आवास पर किया गया । विचार गोष्ठी का विषय रहा -“कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं पत्रकारिता ” ।
गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्य परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने की । अमृत विचार के फीचर सम्पादक कुमार रहमान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पधारे । फिजीशियन डाक्टर शरद अग्रवाल एवं सर्जन डाक्टर विपिन वार्ष्णेय दोनों विशिष्ठ अतिथि रहे ।
मोहन चन्द्र पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं उमेश चंद्र गुप्ता द्वारा प्रस्तुत अभिनंदन गीत से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुमार रहमान ने कहा कि पत्रकारिता में सटीक विश्लेषण, आंकड़ों को एकत्र कर उनका प्रभावी प्रस्तुतीकरण करने तथा नवीन तथ्य खोजने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग आवश्यक है । परन्तु कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर मानवीय नियंत्रण आवश्यक है ।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने न्यूज रूम और वाॅर रुम के परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया । क्रिकेट विश्व कप हो या फीफा का आयोजन, ओलंपिक हो एशियन गेम्स इन सबके लाइव प्रसारण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बहुत बड़ी भूमिका होती है । युद्ध की विभीषिका हो या फिर बाढ़ की विनाश लीला ,भूकंप से हुई जन -धन की हानि हो बर्फीले तूफानों से हुआ विनाश यह दृश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विना प्रसारित या प्रकाशित होना संभव नहीं है । परन्तु कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर मानव का विवेकपूर्ण नियंत्रण आवश्यक है ।
विशिष्ठ अतिथि डाॅ शरद अग्रवाल ने कहा कि जटिल रोगों के निदान और नवीन औषधियों की खोज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ।
दूसरे विशिष्ठ अतिथि डाॅ विपिन वार्ष्णेय ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण आज सर्जरी बहुत आसान और जोखिम रहित हो गई है । दुर्वीन विधि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ही देन है ।
बरिष्ठ पत्रकार संजीव गंभीर ने कहा कि ए आई किसी क्षेत्र मे होने बाली घटनाओं का उतना तर्कसंगत और संवेदनशील विवरण प्रस्तुत नहीं कर सकता जितना का मीडिया रिपोर्टर । इसलिए निष्पक्ष और सत्य समाचार प्रकाशित करने के लिए समाचार पत्रों में पत्रकारों की उपयोगिता निरंतर बनी रहेगी ।
बरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना ने कहा कि ए आई के प्रयोग से डीप फेक खतरा बढ़ा है जो हमारी सामाजिक समरसता के लिए गम्भीर खतरा है ।
इस अवसर पर बरेली के बरिष्ठ पत्रकारों को पत्रकारिता मार्तण्ड सम्मान से विभूषित किया गया । प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ,डाक्टर शरद अग्रवाल ,डाक्टर विपिन वार्ष्णेय और निरुपमा अग्रवाल ने पत्रकारों को माल्यार्पण कर ,उन्हे पटका ओढ़ाकर और सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया । सम्मानित होने बालों में बरिष्ठ पत्रकार कुमार रहमान, संजीव गम्भीर, निर्भय सक्सेना ,सचिन श्याम भारती ,अशोक कुमार गुप्ता ,विवेक मिश्रा , हसीन दानिश, अंशुल कुमार, प्रवीण शर्मा और अनुराग उपाध्याय, आदि शामिल रहे ।
विशिष्ठ अतिथि डाॅ शरद अग्रवाल, डाॅ विपिन वार्ष्णेय , बरिष्ठ साहित्यकार निरुपमा अग्रवाल, प्रोफेसर विनीता सिंह, डाॅ चन्द्र प्रकाश शर्मा ,उमेश चन्द्र गुप्ता ,विमलेश चन्द्र दीक्षित, मोहन चन्द्र पाण्डेय, और संजीव शंखधार को साहित्य मार्तण्ड सम्मान से अलंकृत किया गया ।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर विनीता सिंह ने किया । कार्यक्रम के अंत में जनपदीय मंत्री विमलेश चन्द्र दीक्षित ने सभी का आभार व्यक्त किया ।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पत्रकारिता “विषय पर साहित्य परिषद की हुई गोष्ठी , सम्मान समारोह

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