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Uttar Pradesh

आवारा पशुओं से फसल बचाने , मुआवजा समेत किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत ने सौंपा ज्ञापन

October 22, 2026By admin0 comments
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बरेली। किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, खाद की उपलब्धता, खतौनी में अंश निर्धारण, दाखिल खारिज, बाढ़ से फसल नुकसान और धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने समेत कई मांगें उठाईं।
जिला अध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण किसान परेशान हैं। किसान 24 घंटे खेतों की रखवाली करते हैं, इसके बावजूद मौका मिलते ही पशु फसल बर्बाद कर देते हैं। कई बार आवारा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। उन्होंने आवारा पशुओं को गोशालाओं में भिजवाकर किसानों की फसलों और सुरक्षा का उचित प्रबंध कराने की मांग की।
ज्ञापन में पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड बनवाने और किन्हीं कारणों से नाम कटने पर पात्रता के आधार पर दोबारा जोड़ने की मांग की गई। किसानों का कहना है कि बार-बार आपूर्ति कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद राशन कार्ड नहीं बनते और न ही यूनिट दर्ज हो पाती हैं। वहीं, किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी पात्र किसानों को लाभ दिलाने की मांग की गई। उनका कहना है कि करीब 60 प्रतिशत किसानों को ही सम्मान निधि मिल रही है, जबकि 40 प्रतिशत किसान इससे वंचित हैं।
किसानों ने यूरिया और डीएपी खाद समय पर उपलब्ध कराने तथा निजी दुकानदारों की ओर से मनमाने दाम वसूले जाने पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने सभी सहकारी समितियों और गन्ना समितियों पर खाद वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पत्र जारी करने की मांग भी रखी।
खतौनी में अंश निर्धारण की समस्या उठाते हुए किसानों ने कहा कि कई मामलों में सहखातेदारों से जानकारी लिए बिना हिस्से दर्ज कर दिए गए हैं। ऑनलाइन संशोधन कराने के बाद भी अंश सही नहीं हो पाते, जिससे तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और फार्मर रजिस्ट्री कराने में परेशानी होती है। इसके अलावा दाखिल खारिज की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में धान, बाजरा, तिल और उड़द की फसलों को हुए नुकसान की जांच कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी शामिल रही। किसानों ने कहा कि धान क्रय केंद्र भौगोलिक स्थिति के आधार पर स्थापित किए जाएं। तहसील स्तर पर पर्याप्त केंद्र खोलने के साथ छोटे कस्बों में तीन से चार केंद्र और प्रत्येक न्याय पंचायत में कम से कम दो केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने में परेशानी न हो।
ज्ञापन के दौरान रेशमा कश्यप, हाजी मोहम्मद इकबाल , उमेन्द्र सिंह , आदित्य सिंह , संदीप सिंह सतेन्द्र , विवेक सिंह , मदनलाल गंगवार , हीरालाल , जयवीर सिंह , आदि मौजूद थे।

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