उझानी :- मदर शील मेमोरियल अकादमी, उझानी में श्रीराम उत्सव का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

विद्यालय का वातावरण भक्तिमय एवं राममय हो उठा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने भगवान श्रीराम के वनवास से लेकर माता शबरी के प्रेम एवं भक्ति, बाली वध, रावण वध और भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटकर राजा राम बनने तक के महत्वपूर्ण दृश्यों का सुंदर मंचन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने त्याग, मर्यादा, सत्य, धर्म और भक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाने के लिए बीच-बीच में विद्यार्थियों से रामायण से संबंधित प्रश्न-उत्तर भी किए गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी ज्ञानवर्धक प्रतिभा का परिचय दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने एक सुंदर स्केचिंग गतिविधि में भाग लिया, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीराम, धनुष एवं रामायण से संबंधित विभिन्न चित्रों को आकर्षक रंगों से सजाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने भक्तिमय गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। विशेष रूप से “राम आएँगे” जैसे भजनों पर बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, उत्साह और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या रेनू थरेजा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता और बड़ों का सम्मान करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के निदेशक भारत थरेजा के मार्गदर्शन तथा शिक्षकों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सभी शिक्षकों ने बच्चों को तैयार करने एवं कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी विद्यार्थियों को रावण दहन देखने के लिए कैंपस ले जाया गया। वहाँ बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक रावण दहन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का सुंदर अवसर प्रदान किया।मदर शील मेमोरियल अकादमी का यह आयोजन न केवल मनोरंजक रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए संस्कार, ज्ञान और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देने वाला भी सिद्ध हुआ।


























































































