बरेली । सदर तहसील में सोमवार को बिथरी चैनपुर ब्लॉक की शिक्षिकाओं ने सदर तहसीलदार को जनगणना के एचएलबी आवंटन के संबंध में ज्ञापन सौंपा। शिक्षिका रीटा बत्रा ने बताया कि जनगणना फेज 2 की एचएलबी ड्यूटी वितरित की गई है जिसमें कुछ अध्यापिकाओं को ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया तथा उनके स्थान पर कुछ अध्यापिकाओं को जनगणना मानक से ऊपर एचएलबी ड्यूटी आवंटित की गई हैं जो की एक मानसिक शोषण है। शिक्षिकाओं ने कुछ सवाल भी ज्ञापन के माध्यम से किए हैं जिसमें उन्होंने पूछा है आवंटन करने का मानक क्या रहा? दूसरा जिनकी ड्यूटी कटी है उसका आधार क्या था? तीसरा अधिक उम्र वाली अध्यापिकाओं को फील्ड में ज्यादा कार्य क्यों दिया जा रहा है? चौथा दो एचएलबी ड्यूटी देने या स्थान परिवर्तन एचएलबी ड्यूटी का मानक क्या था? बता दें कि कई तहसीलों में पिछली बार भी यह मामला उठा था कि कुछ कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी काटकर अन्य कर्मियों को डबल एचएल दे दी गई है इस पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया था। ज्ञापन देने वालों में रचना वर्मा भावना भटनागर सिम्मी राजीव शर्मा सुभाष चंद्र इत्यादि मौजूद रहे। वहीं यूटा जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा है कि शिक्षकों को विभाग के अपने कार्य और बच्चों की बड़ी जिम्मेदारी होती है जबरन एक से अधिक एचएलबी देना अव्यावहारिक है जिसकी वास्तविक समस्या है उसको ही ड्यूटी से मुक्त किया जाए। यूटा जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभाग से भी कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाय लेकिन जो कार्य करने को तैयार हैं उनको किसी की ड्यूटी काटकर डबल एचएलबी देना उचित नहीं। यदि किसी को डबल एचएलबी दी जाए तो उसे डबल मानदेय भी दिया जाए।