बरेली। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य रविवार को बरेली पहुंचे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, शिक्षा-स्वास्थ्य की अनदेखी करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए। मौर्य ने आरोप लगाया कि देश को बेचने के मामले में मौजूदा सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय अपने कॉरपोरेट मित्रों के हितों के लिए काम कर रही है। बंदरगाह, हवाई अड्डे और एलआईसी जैसी महत्वपूर्ण संपत्तियों को अडानी समूह को सौंपे जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश की संपत्तियों और धरोहरों को निजी हाथों में देने का सिलसिला युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है।
‘यूपी में जंगलराज, अपराधियों को मिल रहा संरक्षण’
कानून-व्यवस्था को लेकर मौर्य ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में रोजाना बड़ी संख्या में हत्याएं और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश अपराध के मामले में गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में अपराधियों को जेल भेजा जाता था, जबकि मौजूदा सरकार में भाजपा से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
‘स्कूल बंद हो रहे और गली-गली खुल रहे शराब के ठेके’
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मौर्य ने कहा कि गरीबों और आम लोगों के लिए शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दूसरी ओर गली-गली शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों को लेकर सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई जगह मरीजों को दवा और इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
चुनाव आयोग पर साधा निशाना, बोले- ‘Gen Z अब सवाल पूछ रही’
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी मौर्य ने गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता प्रभावित हुई है और वह सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। मौर्य ने कहा कि Gen Z यानी युवा पीढ़ी अब बेईमानी और तानाशाही के खिलाफ सवाल खड़े कर रही है और यही बदलाव की बड़ी ताकत बनेगी।
आजम खां के बचाव में उतरे मौर्य
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां पर दर्ज मुकदमों को लेकर भी मौर्य ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे प्रतिशोध की राजनीति करार देते हुए कहा कि लंबे समय तक विधायक और सांसद रहे नेता पर मुर्गी और भैंस चोरी जैसे मामलों में मुकदमे दर्ज करना राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाता है। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय रामपुर विकास प्राधिकरण के गठन से पहले स्थापित हुआ था।
‘एक देश-एक चुनाव नहीं, एक देश-एक शिक्षा लागू करे सरकार’
‘एक देश, एक चुनाव’ के मुद्दे पर मौर्य ने इसे जनता को भटकाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में व्यवस्था में सुधार चाहती है तो ‘एक देश, एक शिक्षा’ लागू करे, ताकि गरीब और अमीर के बच्चों को समान शिक्षा का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल किसी स्थान का नाम बदल देने से दलित, पिछड़े और वंचित समाज का कल्याण नहीं हो सकता।
2027 में ‘यूपी बचाओ-भाजपा हटाओ’ का आह्वान
मौर्य ने सीजेपी कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जाने और प्रस्तावित रैली को स्थगित कराए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के साथ सभी विपक्षी दलों से एक मंच पर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2027 में ‘यूपी बचाओ-भाजपा हटाओ’ और 2029 में ‘देश बचाओ-भाजपा हटाओ’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। उनके मुताबिक, इसी एकजुटता के जरिए संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा की जा सकती है।


























































































